कोसीकलां (मथुरा)। शनि अमावस्या पर शुक्रवार की रात में घड़ी ने जैसे ही 12 बजाए, वैसे ही पूरा कोकिलावन धाम जय-जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी आरती से गुंजायमान हो उठा। पूरा मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भरा हुआ था। शनि महोत्सव में भाग लेने के लिए श्रद्धालुओं का क्रम शुक्रवार की देर रात से ही जुड़ने लगा था।
मंदिर के महंत महामंडलेश्वर प्रेमदास ने शनि महाराज का दूध, दही, शहद और गंगाजल से अभिषेक किया तो पूरा मंदिर शनिदेव के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। इसके बाद महाआरती की गई। मंदिर परिसर में बधाई गायन ने श्रद्धालुओं को नृत्य करने के लिए विवश कर दिया। सुबह हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया। जिसमें श्रद्धालुओं ने आहुति डाली। शनिदेव की फूल बंगला की झांकी सजाई गई।
श्रद्धालुओं ने की कोकिलावन की परिक्रमा
कोसीकलां (मथुरा)। हजारों श्रद्धालुओं ने कोकिलावन की परिक्रमा कर पुण्य प्राप्त किया। बिहारीजी मंदिर में भी फूल बंगला की झांकी के दर्शनों के लिए श्रद्धालु पीछे नहीं रहे। बिहारी जी महाराज के दर्शनों के दौरान फूलों की सुगंध मंदिर को अलोकित कर रही थी। उधर, श्रद्धालुओं ने परिक्रमा कर शनिदेव की पूजा-अर्चना की। हर श्रद्धालु शनिदेव की पूजा-अर्चना करने के लिए उत्सुक नजर आ रहा था।