कासगंज में गुरूनानक जयंती पर गुरूद्वारे में सबद कीर्तन करते श्रद्घालु
एटा। श्री गुरुनानक देव का प्रकाशोत्सव ठंडी सड़क स्थित गुरुद्वारा में परंपरागत तरीके से मनाया गया। सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। सुबह गुरु की संगति द्वारा धुर की वाणी का पाठ किया गया।
कीर्तन दरबार में बताया कि गुरु नानक देव जी का अवतार 1469 ई में तलबंडी में हुआ था। गुरु नानक देव ने कर्म करो, सुमरन करो व बांट के खाओ का संदेश देकर परिश्रम से अर्जित धन का दशवांश गरीबों की सेवा में लगाने का भी संदेश दिया। साथ ही लोगों को ऊंच नीच एवं जाति पांत का भेद मिटाने को कहा।
गुरुजी ने बताया कि मानव जीवन 84 लाख योनियों के बाद प्राप्त होता है। इस अवसर पर पूरा गुरुद्वारा रोशनी से जगमगा रहा था वहीं परिसर को फूलों से सजाया गया। विशेष कीर्तन दरबार के बाद लंबर का आयोजन किया गया। परिसर भक्तों से भरा रहा। शाम के समय दीपमाला व आरती शबद का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अनुयाइयों ने एक दूसरे को गुरुपर्व की बधाईयां दीं।