वृंदावन (मथुरा)। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में होने वाली भारी भीड़ को देखते हुए शासन और प्रशासन व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की योजना बना रहा है। सोमवार को ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष और सीईओ ने मंदिर के सेवायतों और प्रबंधन के साथ बैठक की। इसमें ठाकुरजी की प्रतिमा को स्थायी तौर पर जगमोहन में लाने के सुझाव का सेवायतों ने विरोध किया। उन्होंने इसे मंदिर की परंपराओं के विपरीत बताया।
बैठक में ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र ने कहा कि मंदिर में त्योहारों के साथ शनिवार, रविवार को श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ रही है। व्यवस्थाएं दुरुस्त होंगी तभी लोगों को दर्शन सुलभ हो सकेंगे। उन्होंने मंदिर का पूर्व की ओर की दीवार को हटाकर मंदिर का प्रांगण बड़ा करने की बात कही। इसका सेवायतों ने समर्थन किया। ठाकुरजी के दर्शन के समय को बढ़ाने की बात पर सेवायत दो फाड़ हो गए।
शैलजाकांत मिश्र ने ठाकुरजी के श्रीविग्रह को गर्भ गृह से बाहर स्थायी तौर पर जगमोहन में दर्शन देने की व्यवस्था करने की बात कही तो मंदिर सेवायत नाराज हो गए। उन्होंने इस व्यवस्था को मंदिर की सैकड़ों वर्ष पुरानी परंपरा के साथ खिलवाड़ बताया। कहा कि यह सुझाव मंदिर की परंपरा और वास्तु के खिलाफ है। बैठक में परिषद के सीईओ नगेंद्र प्रताप, एसडीएम सदर कांति शेखर, मंदिर सेवायत गौरव गोस्वामी, घनश्याम गोस्वामी, रजत गोस्वामी, बिलास गोस्वामी, ब्रजेश गोस्वामी, श्रीनाथ गोस्वामी, मनीष गोस्वामी, प्रवीन गोस्वामी, मंदिर के प्रबंधक मुनीष शर्मा, उमेश सारस्वत मौजूद रहे।