फिरोजाबाद। दिवाली पर भी इलेक्ट्रानिक मार्केट मंदी के दौर से गुजर रहा है। इसका प्रमुख कारण है कि जीएसटी लागू होने के टैक्स की रेट बढ़कर दोगुनी तक पहुंच गई हैं। इलेक्ट्रानिक आइटमाें की रेट सुनकर ही ग्राहक सामान छोड़कर चल देता है।
दिवाली पर हर कोई अपने घरों को आकर्षक, रंग-बिरंगी झालरों, एलईडी लाइट, बल्व व अन्य आइटमों से सजाते हैं। दिवाली पर बिल्डिगें दूधिया रोशनी से जगमगाती नजर आती हैं। इलेक्ट्रानिक आइटमाें पर पहले जहां 12 से 14 प्रतिशत टैक्स लगा था।
जीएसटी लागू होने के बाद आइटमाें पर टैक्स बढ़कर 28 प्रतिशत तक हो गया है। इससे इलेक्ट्रानिक आइटमाें के साथ दिवाली पर घर सजाने के आइटमों झालरों, एलईडी लाइट की रेट में पिछली साल की अपेक्षा काफी इजाफा हुआ है।
जीएसटी लागू होने के बाद इलेक्ट्रानिक मार्केट में 50 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है। दिवाली के सीजन पर भी इलेक्ट्रानिक मार्केट में रौनक नजर नहीं आ रही। इससे व्यापारी खासे चिंतित हैं।
क्या बोले व्यापारी
जीएसटी लागू होने के बाद पहले जो झालर 150 से 200 रुपये तक बिकती थी, उसकी रेट बढ़कर 250 से 300 तक पहुंच गए है। दिवाली पर भी लोग घर सजाने के लिए झालर व एलईडी लाइट कम ही खरीद रहे हैं।
सोनी कन्हैयानी
जीएसटी लागू होने के बाद बिक्री में काफी गिरावट आई है। चार महीने से बाजार मंदी की चपेट में है। रेट बढ़ने के कारण ग्राहक बिना सामान खरीदे ही वापस चला जाता है। मजबूरी में ग्राहक को रोक भी नहीं पाते।
राजेंद्र राजपूत
क्या है एक्सपर्ट राय
इलेक्ट्रानिक मार्केट पर मंदी का असर जीएसटी के कारण है। वहीं दूसरी बड़ी समस्या आदमी के पास पैसे की है। जब पैसा नहीं होगा तो आदमी खरीदारी कहां से करेगा। दिवाली पर भी गत वर्ष की अपेक्षा बिक्री कम रहने की उम्मीद है।
कमल कुमार गुप्ता, आयकर अधिवक्ता