जीएसटी की जटिलताओं से जूझ रहे व्यापारियों के लिए राहत देने के उद्देश्य से आयोजित की गई जीएसटी काउंसलि की बैठक में लिए निर्णय पर कारोबारियों ने अपनी खुशी जाहिर की है। हालांकि कारोबारी सरकार से अभी और राहत चाहते हैं।
जीएसटी लागू होने के बाद से व्यापार पर काफी असर पड़ा है। सरकार ने जीएसटी काउंसिल की बैठक के बाद व्यापारियों को कुछ राहत दी है। सरकार ने डेढ़ करोड़ तक के टर्न ओवर वाले कारोबारियों के लिए रिटर्न भरने की प्रतिमाह की बाध्यता को समाप्त कर तीन माह में रिटर्न भरने की राहत दी है। इसके अलावा कंपोजीशन स्कीम के तहत 75 लाख की सीमा को बढ़ाकर एक करोड़ कर दिया है। ई वेबिल को एक अप्रैल तक स्थगित किया है। पैन कार्ड की अनिवार्यता को 50 हजार से बढ़ाकर दो लाख किया गया है। सरकार के इस फैसले से कारोबारी खुश है। इसके अलावा कई वस्तुओं पर टैक्स की दरें कम की हैंद्ध
सरकार ने व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए जो राहत दी है वह सराहनीय है, लेकिन जीएसटी में अभी भी काफी जटिलताएं है। सरकार को इस प्रावधान को समाप्त करना चाहिए- अखिलेश अग्रवाल, नगर अध्यक्ष व्यापार मंडल
जीएसटी में कंपोजन स्कीम की सीमा को बढ़ाकर सरकार ने सराहनीय कार्य किया है। सरकार के इस फैसले से छोटे व्यापारियों को काफी राहत मिलेगी। सरकार ने जीएसटी के संबंध में कारोबारियों के साथ जो बैठक की है उसे जीएसटी लागू करने से पहले करना चाहिए था: बौबी जैन, रेडीमेड कारोबारी
सरकार ने जीएसटी में डेढ़ करोड़ तक का कारोबार करने वाले व्यापारियों को तीन माह में रिटर्न भरने की राहत देकर अच्छा कदम उठाया है। कपड़ा आवश्यक बस्तु में आता है, इसे कर मुक्त किया जाना चाहिए-प्रदीप अग्रवाल कपड़ा कारोबारी