एटा। हाथ में भगवा प्रमाण पत्र, चेहरे पर मुस्कान और मन में उल्लास। हाथों में प्रमाण पत्र पहुंचा, तो अन्नदाता खुशी से उछल पड़े। पहली बार किसी सरकार ने उनके बोझ को कम करने का काम किया।कार्यक्रम के दौरान कई बूढ़े कदम लड़खड़ाती जुबां से सरकार का आभार जताते नजर आए।
कुसाड़ी निवासी मायादेवी के हाथ जैसे ही प्रमाण पत्र पहुंचा, तो उनकी आंखें छलक आईं। खुशी के आसूंओं को पोंछते हुए बोलीं कि सबसे बड़ा बोझ आज कम हो गया है। पहली बार किसान होने पर गर्व महसूस हो रहा है।
कीलरमऊ की किसान श्रीदेवी ने कहा कि पहली बार किसी सरकार ने किसानों के लिए पहल की है। प्रमाण पत्र पाकर महसूस हो रहा है कि हमारी सुनने वाली भी कोई सरकार है। कर्ज माफी से काफी राहत मिली है।
कुतुबपुर के किसान ओमप्रकाश ने बताया कि उन्होंने एक लाख रुपये का कर्ज लिया था। ओलावृष्टि और सूखा के चलते फसलें बर्बाद हो गईं। इसके चलते कर्ज चुका नहीं सके। पूरी तरह से टूट गए थे। अब राहत मिली है।
कुसाड़ी के किसान लाखन सिंह ने कहा कि पहली बार किसी योजना का लाभ मिला है। सरकार ने किसानों के हित की सोची है। कर्जमाफी होने से किसानों का आर्थिक बोझ कम हुआ है।
मारहरा के किसान अजमेरी ने कहा कि कर्ज नहीं चुका पाने से बैंक कई बार नोटिस दे चुका था। समझ नहीं आता था कि कैसे कर्ज चुकाया जाए। सरकार ने बहुत बड़ी परेशानी कम कर दी है।
काजीखेड़ा के किसान दीपकिशोर ने कहा कि कर्ज के बोझ तले दबे होने से जो फसल बिक्री से पैसा मिलता था। वह सब कर्ज चुकाने में चला जाता था। अब आय भी बढ़ेगी और राहत भी मिलेगी।