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स्वास्थ्य विभाग के पास सिर्फ 15 दिन की दवाओं का स्टॉक

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कासगंज। जिले में स्वास्थ्य विभाग के पास मात्र पंद्रह दिन की दवाओं का स्टॉक बचा है। इसमें भी कई महत्वपूर्ण दवाएं तो खत्म हो चुकीं हैं। यदि जल्द दवाओं की आपूर्ति नहीं हुई तो मरीजों को बीमारी के सजीन में दवाओं की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। स्टॉक खत्म होने के पीछे पुराने बिलों का भुगतान नहीं होना बताया गया है।
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जिले में सात स्वास्थ्य केेद्रों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केद्रों से मरीजों को दवाओं का वितरण किया जाता है। बीमारी के सीजन में राजाना तीन हजार से अधिक नए मरीज सरकारी अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही पुराने मरीज और उनके तीमारदार दवाएं लेने आते हैं। स्वास्थ्य विभाग के पास एंटीफगल, आई फ्लू, दर्द निवारक जेल और एंटीबायटिक दवाओं का स्टॉक पूरी तरह से खत्म हो चुका है। इसके चलते मरीजों को सरकारी अस्पतालों से निराश होकर लौटना पड़ रहा है। दवाओं की आपूर्ति नहीं होने पुराने बिलों का भुगतान नहीं होना माना जा रहा है। दवाओं की कर्मी की यह स्थिति जीएसटी लागू होने के बाद हुई है।

स्वास्थय विभाग के सूत्रों की माने तो जीएसटी के चलते विभाग को बिलों का भुगतान करने में दिक्कत आ रही है। विभाग के लिपिक बताते हैं कि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है तो बिल जीएसटी लगा आ रहे हैं उनका कहां और कैसे भुगतान करना है। पंजीकरण तक में दिक्कतें आ रहीं हैं। ऐसे में दवा कंपिनयों का 15 से 20 लाख रुपये का भुगतान लट गया है। इसके चलते कंपनियों ने दवाओ की आपूर्ति रोक दी है। फार्मासिस्ट ने अलग-अलग कंपनियों पर दवाओं के टेंडर भेजे हैं, लेकिन एक महीने से दवाओं की आपूर्ति नहीं हुई। इसके चलते स्वास्थय विभाग के स्टॉक में दवाओं की लगातार कमी हो रही है। मरीज महेश चंद्र ने बताया कि उसे चर्म रोग है, लेकिन अस्पताल में दवा नहीं मिली। महिला गिरजा देवी ने बताया कि चिकित्सक ने उन्हें जो दवाएं लिखीं हैं उनमे से पूरी दवाएं अस्पताल में नहीं मिल रहीं।
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दवाओं की आपूर्ति में जीएसटी की वजह से दिक्कतें आ रही हैं, लेकिन दवाओं की सप्लाई के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जल्द ही दवाओं की आपूर्ति मिलने की उम्मीद है।
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