मियाद 21 दिन की है, लेकिन लोगों को सालों का इंतजार करना पड़ रहा है। घर में खुशी आए तो प्रमाण के लिए लोगाें को भटकना पड़ता है और किसी अपने को खोने का गम भी भटकने में भुलाना पड़ता है। कहने के लिए व्यवस्था ऑनलाइन है, लेकिन लोग आज भी चक्कर काटने को मजबूर हैं।
सकीट ब्लॉक के गांव लाखापुर निवासी बृजेश सिंह ने अपने बेटे का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए 18 जुलाई को ऑनलाइन आवेदन किया था। कई दिनों तक आवेदन की स्थिति प्रक्रिया में लिखकर आता रहा। पिछले दिनों आवेदन में आधार कार्ड की मांग की गई। आवेदक ने आधार कार्ड भी दे दिया, लेकिन अब तक जन्म प्रमाण पत्र नहीं मिला।
शहर के कटरा मोहल्ला निवासी विष्णु कुमार ने तीन साल पहले पिता जसवंत के निधन के बाद मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था। कई महीनों तक तो पालिका कर्मचारी उनको टहलाते रहे। इसके बाद पिछले दिनों जब वो प्रमाण पत्र की जानकारी करने पालिका पहुंचे, तो कह दिया गया कि ऑनलाइन आवेदन कराओ।
ऐसे चलती है व्यवस्था
जिले में जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों व्यवस्थाएं हैं। ऑनलाइन व्यवस्था के लिए लोकवाणी और जनसेवा केंद्रों को एनआइसी ने विशेष सॉफ्टवेयर से जोड़ा है। जहां पर नगर पालिका एटा, जलेसर और ब्लॉक के लिए आवेदन किए जाते हैं। जबकि नगर पंचायत में आफलाइन व्यवस्था है। किसी भी नगर पालिका और ब्लॉक के लिए सीधे ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था नहीं है।
यहां करें शिकायत
अगर आपको जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र मिलने में दिक्कत आ रही है, तो अपनी नगर पालिका और पंचायत के अधिशासी अधिकारी और ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी से शिकायत करें।
जन्म मृत्यु प्रमाण पत्रों के लिए ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था लोकवाणी केंद्रों के जरिए की जाती है। इसके लिए सभी नगर पालिकाओं और ब्लॉक अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। अगर आवेदन के बाद भी तय समय में काम नहीं हो रहा है, तो शिकायत करेें कार्रवाई की जाएगी।
- सतीश पाल, एडीएम प्रशासन