फिरोजाबाद। रक्षाबंधन के दिन जेल में बंद भाइयों की कलाई पर राखी बांधने को पहुंची बहनों से प्रवेश के नाम पर जमकर वसूली की गई।
जेल प्रशासन ने रक्षाबंधन पर सुबह आठ बजे से प्रवेश देने का फैसला लिया था। सुबह से बहनों के पहुंचने के कारण लंबी-लंबी कतार लग गई। महिलाओं की प्रवेश पर्ची बनाने के लिए तो कोई काउंटर खोलने के बजाय वहां कई लोगों को ही तैनात कर दिया था। भीड़ का फायदा उठाते हुए तैनात लोगों ने प्रवेश शुल्क पांच रुपया तय होने के बावजूद 20 रुपया वसूला। सिरसागंज के खेमगंज से आई 70 वर्षीय गंगाश्री अपने बेटे से मिलने पहुंची। उनका कहना था कि काफी देर से खड़ी हैं लेकिन प्रवेश नहीं मिल रहा है।
हसमतनगर निवासी फातिमा का कहना था कि कई घंटों से ही कतार में खड़े हैं। तीन पर्ची के 20 रुपया वसूले गये। वह भी काफी देर में पर्ची दी। हिमायूंपुर निवासी पिंकी का कहना था कि सुबह आठ बजे के कतार में खड़े हैं दो घंटे से अधिक समय हो गया लेकिन प्रवेश नहीं मिला। पैसे अलग से वसूले गये। चितावली निवासी बीना देवी ने कहा पैसे देने वालों को ही पहले प्रवेश दिया जा रहा है। हम कई घंटे से लगे हैं लेकिन प्रवेश नहीं मिला। गर्मी से परेशान हैं। शेख की सराय निवासी पूजा का कहना था कि पहली बार पर्ची के नाम पर अधिक पैसे लिए जा रहे हैं। कभी ऐसा नहीं हुआ। जेल प्रशासन को ध्यान देना चाहिए।
पर्ची बनाने वाले प्राइवेट लोग (मुंशी) होते हैं। इनके द्वारा पांच रुपया शुल्क लिया जाता है। जेल प्रशासन की ओर से कोई वसूली नहीं होती। इस तरह की कोई बात कह रहा है तो पूरी तरह से गलत है। फिर भी कुछ हुआ है तो हम खुद जांच कराएंगे।
मोहम्मद अकरम खान जेल अधीक्षक फिरोजाबाद।
जेल अधीक्षक की देखरेख में हुई मिलाई
जिला कारागार के अंदर पहुंचने के बाद बहनों के लिए तो बेहतर व्यवस्थाएं थी। जेल अधीक्षक एमए खान खुद ही मिलाई पार्क के करीब कुर्सी डालकर बैठे हुए थे। महिला के भाई या पति के आने में देरी पर तत्काल माइक से एलाउंस किया जा रहा था। घेबर,रसगुल्ला एवं समोसा जेल के अंदर ही मिल रहे थे।