जिले में वर्ष 2009 से 2013 तक तैनात रहे सीडीओ चंद्रशेखर के कार्यकाल के दौरान कराए गए कार्यों पर विजिलेंस जांच बैठ गई है। दो सदस्यीय टीम ने यहां पहुंच कर जांच शुरू कर दी है। टीम पूर्व सीडीओ के कार्यकाल में हुई आंगनबाड़ी की नियुक्ति, इंद्रा आवास के लाभार्थियों, विधायक निधि से स्कूलों को धन आवंटन, मनरेगा योजना, खादी ग्रामोद्योग आदि विभागों के कार्यों की जांच कर रही है।
मुख्य विकास अधिकारी चंद्रशेखर जिले में 2 सितंबर 2009 से 28 फरवरी 2013 तक तैनात रहे। उनके कार्यकाल में हुई आंगनबाड़ी की नियुक्ति, इंद्रा आवास के लाभार्थियों, विधायक निधि से स्कूलों को धन आवंटन, मनरेगा योजना, खादी ग्रामोद्योग एवं उनकी सेवा पंजिका आदि विभागों के कार्यों में घोटाला किए जाने की शिकायत की गई।
शिकायत के आधार पर शासन से जांच बैठा दी गई। विजिलेंश की टीम ने गोपनीय स्तर पर जो जांच की उसमें प्रथम दृष्टया पूर्व सीडीओ दोषी सिद्ध पाए गए हैं। दोष सिद्ध होने के बाद जमीनी हकीकत जानने के लिए अब आगरा की विजलेंस टीम खुली जांच कर रही है। टीम ने जनपद में पहुंचते ही मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय से संपर्क साधा। इसके साथ ही संबंधित अभिलेखों की जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी।
अभिलेख उपलब्ध कराने से कतराते रहे कर्मी
घोटालों की जांच के लिए संबंधित कर्मियों को अभिलेख के साथ उपस्थित होने के दिशा निर्देश जारी कर दिए गए थे, लेकिन टीम के समक्ष पहुंचने वाले अधिकांश कर्मी अभिलेख लेकर उपस्थित नहीं हुए। जो कर्मी अभिलेख लेकर पहुंचे वे भी आधे अधूरे अभिलेख लाए। जिससे टीम ने अपनी नाराजगी भी जाहिर की।
इनकी हो रही जांच
आंगनबाड़ी की नियुक्ति वर्ष 2009-10, 2010-11, 2011-12
विधायक निधि से स्कूलों को दिए गए धन वर्ष 2009-10, 2010-11
इंद्रा आवास योजना के लाभाथियों की जांच वर्ष 2010, 2011, 2012, 2013
मनरेगा योजना से सहावर, गंजडुडवारा, अमापुर, पटियाली, सिढ़पुरा मेें कराए गए कार्य 2010-11, 2012-13।
खंड विकास अधिकारी सहावर की खादी ग्रामोद्योग में नियुक्ति का मामला
जनपद में तैनात रहे मुख्य विकास अधिकारी चंद्रशेखर के कार्यकाल में किए गए कार्यों में घोटालों की शिकायत की गई थी, शिकायत के आधार विजिलेंस जांच बैठाई गई। गोपनीय जांच पूरी हो चुकी है। अब खुली जांच चल रही है। जांच में यदि दोष सिद्ध हो जाता है तो रिपोर्ट तैयार करके शासन को सौंप दी जाएगी।
सीएल यादव इंस्पेक्टर विजिलेंस आगरा