आगरा। थाना एत्माद्दौला के इसलाम नगर में घर में कालीचरन (60) का शव फंदे पर लटका मिला। पुलिस का कहना है कि नोटबंदी में नौकरी छूट गई थी। वह आर्थिक तंगी से परेशान थे। मोहल्ले के लोगों की मदद से गुजारा कर रहा था।
कालीचरन 20 साल से किराए पर रह रहे थे। अविवाहित थे। वह एक ढलाई कारखाना में काम करते थे। नवंबर में नोटबंदी के दौरान मालिक ने उन्हें नौकरी से निकाल दिया। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि कालीचरन ने नौकरी के लिए काफी प्रयास किया लेकिन नौकरी नहीं मिली। इस कारण आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। काफी समय से दो वक्त की रोटी के लिए भी कुछ नहीं बचा था। मोहल्ले के लोग ही मदद करते थे। शुक्रवार सुबह सात बजे घर के दरवाजे खुले देखकर लोग अंदर गए तो उनका शव दीवार में लगी लोहे की सरिया पर रस्सी से बने फंदे पर लटका हुआ मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इंस्पेक्टर का कहना है कि परिचित लोग शव ले गए हैं। वहीं रिश्ते की बहन राधा नगर में रहती है।
मोहल्ले के लोग कर रहे थे मदद
मोहल्ले के लोगों ने पुलिस को बताया कि कालीचरन को कम दिखाई देता था। मोहल्ले के लोग खाना-पीना देते थे। ईद पर मुसलिम समाज के लोगों ने उनके लिए चंदा किया था। उनके घर में रसोई में सभी बर्तन खाली पड़े हुए थे। आटा तक नहीं था। वहीं किराया भी कई महीनों से नहीं दिया था। उनके परिवार के बारे में किसी को पता नहीं है। कालीचरन से कोई मिलने भी नहीं आता था।