सोरों (कासगंज)। कस्बे के पारंपरिक मेला मार्गशीर्ष में रौनक बरकरार है। मेले में हुई बिक्री से दुकानदार उत्साहित हैं। खरीदारों की भीड़ से अब उन्हें मुनाफे की आस है। स्नान पर्वों पर हुई खरीदारी से उनकी लागत औसतन पूर्ण हो चुकी है। सबसे अधिक उत्साह फास्ट फूड के दुकानदारों में है।
मेले में मनोरंजन, मौज मस्ती के साधनों से लोग आनंद ले रहे हैं। स्नान पर्वों पर मेले में हजारों श्रद्धालु उमड़ पड़े। उस समय मेले में दुकानदारों के चेहरे खिल उठे। क्योंकि जमकर बिक्री हुई। खरीदारों की भीड़ ने दुकानदारों की लागत पर्वों पर ही पूर्ण कर दी। उसके बाद अब दुकानदारों को सिर्फ मुनाफे की ही उम्मीद है। 31 दिसंबर तक मेले की धूम रहेगी। दुकानदारों का मानना है कि अब मुनाफा ही होगा। हालांकि कुछ दुकानदारों को पालिका की ओर से दुकानों की जगह महंगी उपलब्ध कराई गई, इस कारण उन्हें मुनाफे की कम उम्मीद है। मेले में बक्से, कंबल, कालीन, पत्थर के सिल बट्टा, ढोलक, मिट्टी के बर्तन सहित अन्य सामान की जमकर बिक्री हो रही है। फास्ट फूड के दुकानदारों के चेहरे भी खिल उठे हैं। दूसरे शहरों से आए दुकानदार उत्साहित नजर आ रहे हैं।
दुकानदारों की बात-
- मेले में पर्स की दुकान लगाई। अब तक हुई बिक्री से लागत औसतन पूर्ण हो चुकी है, दुकानदारी निरंतर हो रही है- विवेक, पर्स विक्रेता।
- लकड़ी से बने किचन के सामान की दुकान लगाई है। पिछले सालों की अपेक्षा इस साल बिक्री अच्छी हुई है। इस बार ज्यादा मुनाफे की उम्मीद है- आदिल, रसोई सामान विक्रेता।
- मेला मार्गशीर्ष में खजला यहां की पहचान है। 80 रुपये किलोग्राम खजला की बिक्री की जा रही है। बदायूं से हर साल खजला की दुकान लगाने आते हैं। बिक्री अच्छी है- मनोज कुमार, खजला बिक्रेता।
- मुरादाबाद से सोरों पहुंचकर कंबल, कालीन की दुकान लगाई है। गर्म चादरों और गद्दों की बिक्री सबसे अधिक हो रही है। मेले में अब तक हुई बिक्री से मुनाफा हो रहा है- फहीम, कंबल विक्रेता।