एटा। जिले को ओडीएफ करने के बाद शासन अब शौचालय प्रयोग पर जोर दे रहा है। इसके लिए सरकार ने डीएम के कंधों पर जिम्मेदारी डालते हुए नई योजना तैयार की है। जिसके तहत स्वच्छता की पहल करने पर डीएम को सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन को बड़े स्तर पर दस दिवसीय अभियान चलाना होगा।
दरअसल, जिले को खुले में शौच मुक्त घोषित करने के साथ लोगों को शौचालय प्रयोग के लिए जागरूक करने के लिए सरकार ने नया तरीका खोजा है। शासन ने सभी जिलाधिकारियों और कमिश्नरों को पत्र लिखकर नौ से 19 नवंबर तक स्वच्छ भारत विश्व शौचालय दिवस प्रतियोगिता का आयोजन कराने के निर्देश दिए हैं।
ये होंगे कार्यक्रम
- घर-घर संपर्क अभियान
- स्वच्छता रैली का आयोजन
- स्वच्छाग्रहियों और प्रधानों का सम्मान
- खुले में शौच मुक्त पंचायतों में बोर्ड लगवाना
- गांव में जलबंद शौचालय का निर्माण
- कंपोस्ट पिट के प्रति जागरूकता कार्यक्रम
- कूड़ादान का उपयोग को जागरूकता
- बायोगैस इकाइयों की स्थापना
- शौचालय प्रयोग पर जोर
वेबसाइट पर अपलोड होगी प्रगति
इन कार्यक्रमों की गतिविधियों को भारत सरकार की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। इसके बाद भारत सरकार की कमेटी 10-10 जिलाधिकारियों को सम्मानित करेगी। साथ ही ओडीएफ की जमीनी हकीकत की पड़ताल कराएगी। निर्देश मिलने के बाद जिला प्रशासन कार्यक्रम की तैयारियों में जुट गया है।
782 गांव हुए ओडीएफ
जिले में अब तक 782 गांव ओडीएफ हो चुके हैं। जबकि तमाम गांवों में शौचालय बने ही नहीं है। फर्जी रिपोर्टिंग के आधार जिले को ओडीएफ कर दिया गया है। ऐसे में स्वच्छ भारत विश्व शौचालय दिवस की कवायद कितनी सफल होगी, ये देखने वाली बात होगी।
कार्यक्रम को लेकर तैयारियां चल रही हैं। जिले को उत्कृष्ट श्रेणी में शामिल करने का प्रयास चल रहा है।
उग्रसेन पांडेय, सीडीओ, एटा
आंकड़े
576 ग्राम पंचायतें हैं जिले में
514 ग्राम पंचायतें हो चुकी हैं ओडीएफ
855 गांव हैं जिले में
782 गांव ओडीएफ करने का दावा