आगरा में आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सा विभाग ने आयुर्वेद की दो क्लीनिक के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। यहां पंजीकृत डाक्टर के स्थान पर झोलाछाप मरीजों का इलाज करते हुए पकड़ा गया था। दुकानों को सील कर दिया गया है।
खंदौली के पोइया स्थित में डा. मनोज कुमार आयुर्वेद चिकित्सक हैं, इनके नाम पर क्लीनिक पंजीकृत थी। लेकिन यहां स्वास्थ्य विभाग की टीम ने राजू खान नामक झोलाछाप को मरीजों का इलाज करते पकड़ा था। आयुर्वेद चिकित्सा विभाग ने क्लीनिक के लाइसेंस को निरस्त कर दिया है।
दूसरी कार्रवाई कमला नगर में शालीमार क्लीनिक पर की गई। यहां डा. प्रदीप तिवारी के नाम से पंजीकरण था। छापे में यहां अजमेर सिंह मरीजों का इलाज करता मिला। इस पर आयुर्वेद चिकित्सा की डिग्री नहीं थी। दुकान सील कर लाइसेंस निरस्त कर दिया है।
आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्साधिकारी डा. नरेंद्र कुमार ने बताया कि रजिस्टर्ड डाक्टर के स्थान पर झोलाछाप मरीजों का इलाज कर रहे थे। इनके लाइसेंस निरस्त कर दुकान सील कर दी हैं।
आयुर्वेद चिकित्सकों ने महीनेदारी पर उठा दी क्लीनिक
कई आयुर्वेदिक चिकित्सक पंजीकरण अपने नाम से कराकर क्लीनिक को झोलाछाप को महीनेदारी पर उठा देते हैं। खुद कहीं और क्लीनिक चलाते हैं। इस तरह से दोतरफा आमदनी का जरिया बन जाता है। स्वास्थ्य विभाग के छापे में ऐसे कई मामले सामने आए।
कुबेरपुर स्थित जनसेवा चिकित्सालय में भी ऐसा ही हाल था। यह डा. अनिल कुलश्रेष्ठ के नाम से पंजीकृत था और डीपी यादव झोलाछाप इसे चला रहा था। अब आयुर्वेद चिकित्साधिकारी भी टीम बनाकर छापा मारेंगे।