फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गिरवर तै डोर लगाए लई ए, आंधी आए कै मेह...

विज्ञापन
परिक्रमा - फोटो : डेमो
विज्ञापन
गोवर्धन (मथुरा)। समय करीब दोपहर दो बजे, बरसात की रिमझिम बूंदे और दानघाटी मंदिर पर परिक्रमा शुरू करने से पूर्व जयकारे लगाता राजस्थान के श्रद्धालुओं का समूह, पीछे से उन्हें धकियाते अन्य श्रद्धालु, क्या बच्चे और क्या बुजुर्ग। हर किसी में चाहत थी तो सिर्फ आगे निकलने की। भीड़ का रैला ऐसा था कि रुकने का नाम ही नहीं ले रहा था।
विज्ञापन


गुरुवार को जब इंद्रदेवता जमकर मेहरबान हुए तो भला भक्त कैसे पीछे रह सकते थे। जैसे ही हल्की-हल्की बूंदाबांदी शुरू हुई तो परिक्रमार्थियों में भी उत्साह का संचार हो गया। परिक्रमा मार्ग में तेजी से बढ़ते उनके नंगे पांव इसका अहसास करा रहे थे। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक हर कोई गिरिराज जी की भक्ति के समंदर में गोता लगाता दिखा।

जैसे ही परिक्रमार्थी आन्यौर की तरफ बढ़े तो इंद्रदेव भी अपने जोश में दिखाई दिए। मार्ग में हुए जलभराव से यात्री पूंछरी व जतीपुरा होते हुए पुन: गोवर्धन पहुंचे। रास्ते में जगह-जगह गर्मागर्म चाय व पकौड़ों से समाजसेवियों ने यात्रियों का स्वागत किया।
विज्ञापन


छोटी परिक्रमा मार्ग की शुरूआत में ही भीड़ का दबाव इतना था कि वहां पैर रखने को तक जगह न मिली। उद्धव कुंड पर बना मंदिर भी श्रद्धालुओं से भरा नजर आया। राधाकुंड व कुसुम सरोवर पर बेरिकेडिंग किए जाने से भक्त आचमन से वंचित रहे। हरगोकुल मंदिर से आगे मानसी गंगा पर भक्तों ने पुन: स्नान कर मुकुट मुखारबिंद पर दुग्धाभिषेक किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें