मैनपुरी। ग्रेटर नोएडा में मंगलवार की रात गिरी इमारत के मलबे से बुधवार को तीन लोगों का शव निकाल लिया गया था। इस दौरान शिव की हालत गंभीर थी। हालांकि बाद में उसने भी दम तोड़ दिया।
इसकी खबर मिलते ही मैनपुरी के अभई गांव में कोहराम मच गया। सबसे पहले प्रियंका देवी का शव निकाला गया था। खबर मिलते ही परिवार के लोग मौके पर पहुंच गए थे।
हादसे में शिकार शिव त्रिवेदी एक प्रावेट कंपनी में मैनेजर के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने 14 जुलाई को ही फ्लैट में प्रवेश किया था। अभई निवासी शिव दुबे (25) नोएडा में एक प्राइवेट कंपनी में मैनेजर थे।
उन्होंने 14 जुलाई को ही नोएडा में खरीदे गए फ्लैट में गृह प्रवेश किया था। इस दौरान कार्यक्रम में शामिल होने के बाद परिवार के लोग 15 जुलाई को लौट आए थे।
शिव ने अपनी मां राजकुमारी 54 वर्ष, भाभी प्रियंका 28 वर्ष, भतीजी पंखुड़ी तीन वर्ष को रोक लिया था। मंगलवार की रात परिवार के सभी लोग एक ही कमरे में बैठे थे तभी अचानक इमारत ढह गई।
इसमें सभी लोग मलबे में दब गए थे। बुधवार की शाम तक दोनों महिलाओं और बच्ची का शव निकाल लिया गया था। इस दौरान चौथे सदस्य शिव को भी निकाला गया था।
उसकी हालत गंभीर होने पर उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था। कुछ देर बाद उसकी भी मौत हो गई। चैनलों पर खबर चली तो शिव के दोस्तों और रिश्तेदारों ने उसे फोन करके जानकारी करनी चाही।
कॉल रिसीव नहीं होने पर अनहोनी की आशंका के चलते दोस्त मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। शिव के पिता सुरेंद्र त्रिवेदी, बड़े भाई राम त्रिवेदी, परिवार के संजय त्रिवेदी, नरेंद्र त्रिवेदी दोपहर में ही नोएडा पहुंच गए। चार लोगों की मौत से गांव में कोहराम मचा हुआ है।