मैनपुरी। स्वच्छ शौचालय योजना में लापरवाही और धांधली अब संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को महंगी पड़ेगी। योजना का धरातल जानने के लिए मंडलीय टीमें प्रस्तावित और ओडीएफ ग्रामों का निरीक्षण करके शौचालयों का स्थलीय निरीक्षण करेंगी। संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन, रिपोर्ट और रिकवरी जैसी कार्रवाई होगी।
प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना खुले में शौच मुक्त भारत के तहत जिले को खुले में शौच मुक्त घोषित कराने के लिए काम शुरू हुआ है। दो अक्तूबर 2019 तक जिले को ओडीएफ बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए सरकार द्वारा 12000 रुपये की धनराशि दी जाती है। जिले से सूची हासिल करने के बाद मंडलीय टीमें स्वच्छ शौचालय की जमीनी हकीकत परखेंगी।
मंडलीय टीमों की रिपोर्ट के बाद संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ निलंबन, रिपोर्ट कराने, धांधली करने वाली धनराशि की रिकवरी करने जैसी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। डीएम प्रदीप कुमार के निर्देशन में प्रस्तावित ओडीएफ ग्रामों में 23 अप्रैल से शौचालय से वंचित घरों में स्वच्छाग्रही और खंड प्रेरक पहुंचेंगे। गृह स्वामी को शौचालय निर्माण का स्वीकृति पत्र दिया जाएगा।