जिले के निजामपुर गांव में दलित युवक की बारात चढ़ाने का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। इस मामले को लेकर सियासत भी गर्म होने लगी है। आगामी समय में यह मामला प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती भी बन सकता है। बारात चढ़ाने के मामले को लेकर युवक ने कानपुर में कई संगठनों के नेताओं से मुलाकात करके बारात चढ़ाने के मामले में मदद मांगी है। नेताओं ने युवक को बारात पूरे गांव में निकलवाने का भरोसा दिया है।
संजय की बारात 20 अप्रैल को चढ़ेगी। उसकी शादी निजामपुर की शीतल पुत्री सत्यपाल से तय हुई है। एक माह पहले से यह मामला लगातार उठ रहा है। प्रशासन भी मामले को सुलझाने की कोशिश कर चुका है, लेकिन युवक पूरे गांव में बारात का भ्रमण कराने की जिद पर अड़ा है। मुख्यमंत्री योगी को भी संजय ने पोर्टल पर मामले की शिकायत की। प्रशासन ने भी शिकायत पर अपनी रिपोर्ट दे दी है। प्रशासन का कहना है कि गांव में बारात चढ़ाने की जो परंपरा है उसके अनुसार बारात चढ़ाई जा सकती है कोई नई परंपरा नहीं डाली जा सकती। इस बात से युवक सहमत नहीं है। मामले को लेकर संजय ने भारतीय दलित पैंथर समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष धनीराम पैंथर, भारतीय मसीह महासभा के सचिव पादरी जितेंद्र सिंह, जमीयत उलमा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी सहित अन्य नेताओं से मुलाकात की है। शनिवार को कानपुर में युवक बारात चढ़ाने की रणनीति पर इन नेताओं से विचार विमर्श करता रहा। पादरी जितेंद्र सिंह ने कहा कि किसी के अधिकारों का हनन नहीं होना चाहिए। घोड़े पर चढ़कर बारात ले जाना कोई गुनाह नहीं है यह व्यक्ति की इच्छा पर निर्भर करता है। लोग अपनी अपनी मर्जी से विवाह करते हैं इसमें प्रथा का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा कि तन मन धन से युवक संजय की मदद की जाएगी और वे इस मामले में मुख्यमंत्री से भी मिलेंगे और प्रशासन से भी बात करेंगे।
जिलाधिकारी आरपी सिंह ने इस मामले में बताया कि इस मामले को लेकर जमीयत उलमा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने उनसे बात की है। वस्तु स्थिति से उन्हें अवगत करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए है। किसी को भी शांति भंग नहीं करने दी जाएगी।