तिरंगा यात्रा के विवाद के बाद शहर में हुई हिंसाओं की घटनाओं के बाद से जिले की पुलिस व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की कोशिशें लगातार जारी हैं। पुलिस अधीक्षक लगातार पुलिस को प्रशिक्षित कर रहे हैं। शुक्रवार को दंगा के दौरान दंगाइयों से कैसे निपटा जाए कौन कौन से शस्त्रों का प्रयोग किया जाए, पैलेट गन, एंटी राइट गन कैसे चलाई जाए उसका अभ्यास कराया गया।
पुलिस अधीक्षक पीयूष कुमार श्रीवास्तव ने शुक्रवार को पुलिस कार्यालय, अभियोजन कार्यालय, पुलिस लाइन, वायरलैस विभाग, फायर सर्विस, क्राइम ब्रांच, कोतवाली के निरीक्षक, उपनिरीक्षक, हैड कांस्टेबल की परेड आयोजित करके पैलेट गन एवं एंटी राइट गन चलाने का अभ्यास एवं प्रशिक्षण कराया गया। पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक, पुलिस क्षेत्राधिकारियों ने भी अभ्यास किया। दंगे के दौरान आंसू गैस के गोले, मिर्च स्प्रे आदि के प्रयोगों के बारे में भी बताया गया। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि किसी भी अप्रिय स्थिति में कैसे शस्त्रों का कहां प्रयोग किया जाए इसके लिए अभ्यास जरूरी है। उन्होंने कहा कि जिले में अतिरिक्त सतर्कता और सुरक्षा की आवश्यकता है। जिसके चलते सभी कर्मियों का प्रशिक्षण अति आवश्यक है। कई मौकों पर यह देखा जाता है कि आधुनिक शस्त्रों को पुलिसकर्मी नहीं चला पाते। अब ऐसा नहीं होगा। उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों का भी हौसला बढ़ाते हुए कहा कि वे भी शस्त्रों को चलाने का अभ्यास करें।
गौरतलब है कि हिंसा के दौरान जिले के पुलिस प्रशासन पर तमाम सवाल उठे थे। पुलिस पर यहां तक आरोप लगे कि पुलिस दंगाइयों से निपटने में विफल रही। जिसके चलते अब जिले की पुलिस को हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहना होगा।
सभी चौकी प्रभारियों को किया सीयूजी से लैस
कासगंज। जिले की पुलिस चौकियों पर पुलिस को दुरुस्त बनाने के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सभी चौकी प्रभारियों को सीयूजी सिम दी गई हैं। वहीं पुलिस अधीक्षक ने व्हाट्स एप पर सभी थाना प्रभारियों को अपना लोकेशन अपडेट करने के संबंध में भी निर्देश दिए हैं।