मिलावटखोरी का धंधा कम नहीं हो रहा है। इसी वित्तीय वर्ष में तीन मिलावट खोरों को छह छह माह की सजा भी हो चुकी है। पहले लिए गए नमूनों में 43 फेल हो चुके हैं।
दो दिन में डेढ़ दर्जन नमूने विभिन्न खाद्य पदार्थों के लिए जा चुके हैं। इन नमूनों को प्रयोगशाला में भेजा गया है। जनवरी माह तक 129 नमूने लिए जिनमें से ं43 फेल हो गए। इनमें तीन मामलों में खतरनाक स्तर की मिलावट मिलने पर आरोपियों को छह छह माह की सजा सुनाई जा चुकी है। छह लाख का जुर्माना भी वसूला है।
जिन खाद्य पदार्थों के नमूने फेल हुए उनमें दूध, घी, खोया, मिठाई, अरहर की दाल, हल्दी, छोला चना शामिल हैं। यहां मिलावट की स्थिति काफी खराब है। वित्तीय वर्ष 2013-14 से अब तक के पिछले साढ़े चार साल में 161 नमूने फेल हो गए। इसके साथ ही लाखों रुपये का जुर्माना भी वसूला जा चुका है।
भरे गए सेंपल फेल नमूने सजा
2013-14 58 27 आंकड़े नहीं
2014-15 62 28 आंकड़े नहीं
2015-16 73 31 आंकड़े नहीं
2016-17 105 32 दो आरोपियों को एक साल की सजा
2017-18 129 43 तीन आरोपियों को छह माह की सजा (जनवरी माह तक)
खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए विभाग लगातार नमूने लेता है। जिनके जांच में फेल होने पर न्यायालय में वाद दायर किया जाता है। मिलावट से स्वास्थ्य के लिए खतरनाक होने पर सजा का प्रावधान है।
- नादिर अली, खाद्य सुरक्षा अधिकारी