फिरोजाबाद। कांच उद्योग के खिलाफ एनजीटी में दायर याचिका पर होने वाली सुनवाई आगे बढ़ गई। गेल की ओर अधिवक्ता ने कहा कि मामले का जल्द निस्तारण किया जाए। टीटीजेड की रोक के कारण नई इकाइयों को गैस नहीं दे पाने से गेल को आर्थिक नुकसान हो रहा है।
नई दिल्ली की सेफ संस्था ने कांच उद्योग के खिलाफ वर्ष 2015 में 143 इकाइयाें के खिलाफ याचिका दायर की थी। याचिका के संबंध में सभी विभाग अपने जवाब दाखिल कर चुके हैं, लेकिन अभीतक कोई निर्णय नहीं हो पा रहा। सोमवार को होने वाली सुनवाई में उद्योग विभाग की ओर से सहायक आयुक्त अमरेश कुमार पांडे एनजीटी में अपना पक्ष रखने पहुंचे। एनजीटी में गेल के अधिवक्ता ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि पर्यावरण मंत्रालय एवं टीटीजेड अथॉरिटी ने जनवरी-2015 से नई इकाइयों को गैस देने पर रोक लगा रखी है।
इससे नई इकाइयों को गैस नहीं दे पाने से गेल को आर्थिक नुकसान हो रहा है। एनजीटी में चल रहे केस का जल्द निस्तारण किया जाए। एनजीटी के जज ने गेल को निर्देश दिए हैं कि पर्यावरण मंत्रालय एवं टीटीजेड अथॉरिटी द्वारा गैस सप्लाई पर रोक लगाने के संबंध में जो आदेश दिया वो दाखिल किया जाए। नए जज द्वारा केस स्टडी नहीं नहीं करने से सुनवाई की 19 मार्च की तिथि निर्धारित कर दी गई। गेल की पहल से उद्यमियों ने उम्मीद की किरण जागी है।