वृंदावन (मथुरा)। तीर्थनगरी के व्यापारी केंद्र सरकार द्वारा गुरुवार को जारी आम बजट में अपने को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। वृंदावन में धार्मिक पूजन सामग्री से जुडे़ व्यापारियों का कहना था कि आम बजट व्यापारियों को छलने वाला रहा।
मुकुट व्यापारी कपिल अग्रवाल ने कहा कि व्यापारी को राहत देने के लिए इनकम टैक्स की छूट का दायरा बढ़ाया जाना चाहिए था लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया। छूट को पहले की तरह 2.5 लाख ही रखा जबकि यह 3 लाख कर देनी चाहिए थी।
पोशाक व्यवसायी अमित गौतम ने कहा कि भगवान की आराधना से संबंधित मुकुट, पोशाक आदि व्यापार में पहले कोई कर नहीं था। अब इस पर 5 से 12 प्रतिशत तक जीएसटी लग रहा है। इसमें कमी उम्मीद थी जो पूरी नहीं हुई।
शृंगार सामग्री विक्रेता मंयक अग्रवाल का कहना था कि तीर्थनगरी में अधिकांश व्यापारी ठाकुरजी की आराधना सामग्री के व्यापार से जुडे हुए है। उन सब व्यापारियों के लिए यह बजट निराधाजनक ही रहा। युवा उद्यमी अंकित वार्ष्णेय ने कहा कि केंद्र सरकार ने इस बार भी रोजगार देने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इसको लेकर थोड़ी निराशा हुई है।