फिरोजाबाद। परीक्षा केंद्र बनाने में मानकों को दरकिनार कर दिया गया। जिले में कई परीक्षा केंद्र ऐसे हैं, जिनमें अभी तक सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं। बोर्ड के निर्देश थे कि बिना सीसीटीवी कैमरों के कालेजों को परीक्षा केंद्र बनाने पर तरजीह नहीं दी जाएगी। ऐसे में बिना कैमरों के परीक्षा केंद्र बनाना एवं उनमें परीक्षा कराना शासन के आदेशों को चुनौती देना है।
राजकीय कालेजों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का बजट नहीं आया है। फिर भी उन कालेजों को परीक्षा केंद्रों की सूची में शामिल कर दिया गया। परीक्षा में करीब दो माह का समय शेष है। कालेज प्रधानाचार्यों ने बताया कि शासन को बजट की डिमांड भेजी है।
बजट आने के बाद कैमरे लगवाए जाएंगे। वहीं, प्राइवेट केंद्रों में सीसीटीवी मात्र खानापूर्ति के लिए लगे हैं। अब इस संबंध में शासन ने मंडलीय संयुक्त, शिक्षा निदेशक से कालेजों में कैमरों के संबंध में रिपोर्ट मांगी है। शिक्षा निदेशक डीआईओएस स्तर से रिपोर्ट मांग रहे है कि किन कालेजों में कैमरे है या फिर नहीं।
डीआईओएस रितु गोयल का कहना है कि राजकीय स्कूलों को प्राथमिकता के आधार पर परीक्षा केंद्र बनाया जाना था, इसलिए केंद्र बनाए गए हैं। यहां जल्द सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। हम एक बार फिर चेक कराएंगे कि किस स्कूल में कैमरे चालू हैं, कितने में नहीं।