मथुरा। आर्थिक तंगी से जूझ रहे किसानों ने गेहूं के नए बीज से किनारा कर लिया। किसानों ने पुराने बीज की ही बुवाई कर दी है। इस कारण दो हजार क्विंटल से अधिक गेहूं का बीज गोदामों में रखा रह गया।
राज्य प्रमाणीकरण संस्था कमलानगर आगरा ने मथुरा के 500 से अधिक किसानों से एसडी 2967, एचडी 2086, पीबीडब्लू 343, पीबीडब्लू 502, पीबीडब्लू 154 आदि प्रजातियों का गेहूं का बीज तैयार कराया था। फरह, ओल, कोसीकलां, छाता, गोवर्धन, राया, बलदेव, चौमुहां, अड़ींग, सुरीर, मांट, बाजना, दरबै सहित आसपास के बीज विक्रेताओं ने इसे अक्तूबर से नवंबर माह में किसानों को बेचने की योजना बनाई थी, लेकिन ज्यादातर किसानों ने नया बीज नहीं खरीदा और पुराने बीज की ही बुवाई कर दी। इससे बीज गोदामों में तैयार रखा दो हजार क्विंटल से अधिक बीज गोदामोें में रखा रह गया।
कृषि विभाग में बच गया 11 क्विंटल बीज
मथुरा। कृषि विभाग द्वारा किसानों को बीज में दी जाने वाली छूट का भी ज्यादातर किसानों ने लाभ नहीं लिया। पंजीकृत किसानों के लिए बीज लेने के लिए पहले पूरे पैसे जमा करने और छूट के 1600 रुपये क्विंटल बाद में मिलने के चलते किसानों ने इससे तौबा कर ली। इसके चलते कृषि विभाग का भी 1100 क्विंटल बीज का गेहूं गोदामों में ही पड़ा रह गया।