मथुरा। फर्जी बीएड डिग्री से मथुरा में नौकरी करने वालों का आंकड़ा बढ़कर 35 पहुंच गया है। इन सभी शिक्षकों की नौकरी पर तलवार लटकी है। एसआईटी द्वारा बेसिक शिक्षा परिषद को उपलब्ध कराई सीडी, डायट के रिकॉर्ड से मिलान के बाद अब खंड कार्यालयों से इनकी पत्रावली मंगाई गई है।
हाईकोर्ट द्वारा गठित एसआईटी की जांच में बड़ा खुलासा हुआ था कि वर्ष 2004-05 में डा.भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय ने बीएड की 4570 फर्जी डिग्रियां जारी की थी। इन डिग्रीयों से कई जिलों में लोगों ने शिक्षक की नौकरी हासिल कर ली। एसआईटी ने जो सीडी उपलब्ध कराई है उससे मथुरा में नौकरी कर रहे शिक्षकों की तलाश शुरू हुई।
एसआईटी द्वारा फर्जी डिग्रियों की जो सीडी उपलब्ध कराई गई है उसका मिलान डायट पर विशिष्ट बीटीसी के प्रशिक्षणार्थियों से कराया गया। इसमें 35 लोग सामने आए है। अब इन सभी शिक्षकों के सेवारत होने संबंधी रिपोर्ट खंड कार्यालय से मंगाई गई है। इसी के साथ उन शिक्षकों की मूल पत्रावली भी मंगाई गई है। ताकि डिग्री अनुक्रमांक का मिलान हो सके।