पुलिस को कटरी की कांबिंग के दौरान गुरुवार की सायं बड़ी सफलता हाथ लगी। पुलिस ने दो शस्त्र फैक्ट्री पकड़कर बड़ी संख्या में अवैध हथियार बरामद किए। तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। जबकि दस अन्य आरोपी गंगा में कूदकर फरार हो गए।
कटरी में बदमाशों की बढ़ती दस्तक एवं शस्त्र और शराब माफियाओं की सक्रियता के कारण पुलिस का कांबिंग अभियान संचालित है। पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह ने इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि गंगा के बीच में बने टापू पर छिपकर शस्त्र फैक्ट्री के संचालन की सूचना मिली। सूचना पर अपर पुलिस अधीक्षक पवित्र मोहन त्रिपाठी एवं सीओ शैलेंद्र लाल को जिम्मा सौंपा गया। सीओ शैलेंद्र लाल ने सोरों थाना पुलिस, कासगंज, सहावर थाने की पुलिस एवं 43वीं वाहिनी पीएसी के स्टीमर व टीम को लेकर ऑपरेशन को अंजाम दिया।
पुलिस स्टीमर से बदायूं जनपद के सहसवान बॉर्डर क्षेत्र में पहुंची। जहां टापू पर पहुंचकर छापामारी की। कार्रवाई के दौरान कासिम उर्फ पच्चू, मेहताब पुत्र कृपाल सिंह, आराम सिंह उर्फ गुरू निवासी कादरवाड़ी एवं भनुपुर को गिरफ्तार किया। जब कि दस अन्य आरोपी फरार हो गए। बदमाशों के पास से दोनों शस्त्र फैक्ट्रियों से 7 रायफल बनी एवं अध बनी 315 बोर, 7 तमंचा 315 बोर ,8 अधबने तमंचे के अलावा 50 अन्य असलाह तैयार करने कामान और उपकरण बरामद हुए। कोतवाली सोरों के प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार सिंह ने अभियोग दर्ज कराए हैं।
पुलिस की जान पर बन आई
जब अंधेरे में कुछ दिखाई नहीं दिया तो पुलिस ने बदमाशों को खोजने के लिए पतेल (घास) में आग लगा दी। यहां पर बदमाशों ने कारतूस छिपाकर रख दिए। जैसे ही आग ने जोर पकड़ा वैसे ही कारतूस फटने लगे। पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान पुलिस पार्टी की जान भी जोखिम में आ गई। जब रात्रि में रोशनी के लिए घास में आग लगाई तो वहां घास में दबे कारतूस में विस्फोट होने लगा, लेकिन पुलिस पार्टी ने सूझबूझ का परिचय देते हुए जमीन पर लेटकर जान बचाई। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन के लिए पुलिस पार्टी को पांच हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया है,वहीं सीओ शैलेंद्र लाल को प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा।