डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में शिक्षणेत्तर कर्मचारी एक जुलाई से हड़ताल पर हैं। छात्र-छात्राआें की समस्याआें का समाधान नहीं हो रहा है। इसके विरोध में गुरुवार को छात्रों ने कुलसचिव का घेराव किया। छात्रों की समस्याआें का जल्द समाधान न कराए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई।
शिक्षणेत्तर कर्मचारियाें की हड़ताल की वजह से विश्वविद्यालय के सभी विभाग बंद हैं। छात्र मार्कशीट, माइग्रेशन आदि के लिए चक्कर काट रहे हैं। कर्मचारियों के हड़ताल के नाम पर उन्हें लौटा दिया जा रहा है। विश्वविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष गौरव शर्मा ने कुलसचिव के समक्ष मांग रखी कि छात्राें के भविष्य को ध्यान में रखते हुए, उनकी समस्याओं का जल्द समाधान कराया जाए। ऐसा न होने पर छात्र उग्र आंदोलन के लिए बाध्य हाेंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।
कुलसचिव केएन सिंह ने आश्वासन दिया कि कर्मचारियों से हड़ताल खत्म करने के लिए बात की जाएगी। घेराव करने वालों में पुष्पेंद्र मुद्गल, वरुण चौधरी, राहुल यादव, विवेक गौतम, दिलीप कुमार, विक्की, प्रशांत यादव, अवनीश, आलोक शामिल रहे।
कर्मचारियों की बहाली पर ही हड़ताल खत्म होगी
शिक्षणेत्तर कर्मचारी अपनी मांग पर अड़े हैं। उनका कहना है कि निलंबित कर्मचारियों की बहाली पर ही उनकी हड़ताल खत्म होगी। गुरुवार को भी शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अखिलेश चौधरी के नेतृत्व में कुलपति सचिवालय में धरना जारी रहा। इसमें भारतीय मजदूर संघ के शंकरलाल, धर्मवीर शर्मा, इंद्रा जैन, चिन्मय सरकार, धर्मपाल शर्मा, दिनेश चंद्र शर्मा शामिल रहे।