एटा। जीएसटी के विरोध में व्यापारियों के भारत बंद का शुक्रवार को जिले में असर देखने को मिला। सुबह से जिले के प्रमुख बाजार बंद रहे। व्यापारियों ने जीएसटी प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। आलम यह रहा कि बंद के दौरान लोग रोजमर्रा की वस्तुओं को लेकर परेशान रहे। चाय, नाश्ता, दूध तक लोगों को नसीब नहीं हुआ।
शनिवार से लागू हो रहे जीएसटी को लेकर व्यापारियों में रोष है। कई दिनों से चल रहे विरोध के बाद शुक्रवार को व्यापारियोें ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। शहर में सुबह से घंटाघर, मेहता पार्क, बजरिया, बासमंडी, सुभाष मूर्ति, बाबूगंज, शिव मार्केट, मंडी समिति, सब्जी मंडी, गांधी मार्र्केट समेत तमाम बाजार बंद रहे। एटा उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के बैनर तले व्यापारियों ने प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने घंटाघर से जुलूस निकाला।
जुलूस जीटी रोड, कचहरी रोड होते हुए कलक्ट्रेट पहुंचा। जहां व्यापारियों ने जीएसटी के विरोध में जमकर नारेबाजी की। व्यापारियों ने एडीएम प्रशासन सतीश पाल को ज्ञापन सौंपा। उधर, उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के बैनर तले व्यापारियों ने जीएसटी को लेकर प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने एडीएम को ज्ञापन सौंपकर बिल में संशोधन करने की मांग की।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष प्रमोद गुप्ता, एटा उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिला अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता, महामंत्री दिनेश चंद्र वार्ष्णेय, प्रांतीय उपाध्यक्ष सुजीत देव वार्ष्णेय, वीरेंद्र गुप्ता, अतुल राठी, अशोक गुप्ता जैमिनी, जितेंद्र जैन डेविड, सतीश गुप्ता, गणेश वार्ष्णेय, साबिर मियां, नलिन जैन, संजीव जैन, आदेश गुप्ता, अनवर मियां, अनिल कुमार, अशोक चौहान, जीतू वार्ष्णेय, अनुज जैन, कैलाश चंद्र जैन, दिनेश वार्ष्णेय समेत अनेक किराना, सराफा, कपड़ा व्यापारी जुलूस और प्रदर्शन में मौजूद रहे।
देर शाम खुले बाजार
शुक्रवार को सुबह से दुकानों में ताले पड़े रहे। इसके बाद दोपहर को व्यापारियों ने डीएम को ज्ञापन सौंपा और शाम चार बजे बाजार खुले तो खरीदारी के लिए लोग बाजार में उमड़े। इसके चलते देर शाम तक बाजार मे ग्राहकों की चहल पहल नजर आई।
गुटखा-बीड़ी को तरसे
बाजार बंदी का असर पूरे जिले में देखने को मिला। आलम यह रहा कि जिले में लोग गुटखा और बीड़ी को भी तरस गए। लोग तमाम जरूरी सामान को भटकते रहे।