जनपद में 5,000 से ज्यादा जाति, आय और मूल निवास प्रमाणपत्र के प्रार्थनापत्र लेखपालों की हड़ताल में फंस गए हैं। पिछले 10 दिन से लेखपाल किसी भी संदर्भ में रिपोर्ट नहीं लगा रहे हैं। इससे मुख्यमंत्री संदर्भित शिकायतों का निस्तारण भी नहीं हो पा रहा है।
जनपद के लेखपाल स्थानांतरण को लेकर हड़ताल पर हैं। पिछले तीन दिन से लेखपालों ने धरनास्थल तहसील सदर प्रांगण में क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है। लेखपालों की ये हड़ताल अब आम लोगों पर भारी पड़ने लगी है। सबसे ज्यादा प्रभावित छात्र-छात्राएं हो रहे हैं, जिन्हें विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के बाद प्रवेश के लिए विश्वविद्यालयों की काउंसलिंग में शामिल होना है।
इसके लिए जाति प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र और मूल निवास प्रमाणपत्र की आवश्यकता है, जो लेखपालों की हड़ताल के कारण फिलहाल नहीं बन पा रहे हैं। इनके अलावा हड़ताल का असर उन शिकायतों के निस्तारण पर भी पड़ रहा है, जो शासन और मुख्यमंत्री सहित डीएम संदर्भित हैं। साथ ही राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना और विधवा पेंशन योजना के लाभार्थी भी भटक रहे हैं।
शुक्रवार को भी लेखपालों का क्रमिक अनशन जारी रहा। मंडल के सभी जनपदों के लेखपाल संगठन भी समर्थन में उतर आए हैं।