मैनपुरी। घिरोर क्षेत्र के एक विद्यालय में एक अजब-गजब मामला सामने आया है। यहां एक ही टीसी के दो दावेदार हैं। खास बात ये है कि ये टीसी 38 साल पुरानी है। दोनों पक्ष अभिलेख दिखाकर टीसी देने का शिक्षिका पर दबाव बना रहे हैं। शिक्षिका को समझ नहीं आ रहा है कि आखिर किसे टीसी जारी की जाए। मामला जब बढ़ा तो शिक्षिका ने बीएसए से शिकायत कर निस्तारण कराने की मांग की है।
प्राथमिक विद्यालय हड़ाई में नीलम चौहान प्रधानाध्यापिका के रूप में तैनात हैं। एक माह पहले गांव निवासी सर्वेंद्र कुमार नाम का व्यक्ति उनके पास कल्यान सिंह पुत्र बहादुर सिंह की टीसी लेने आया। ये टीसी वर्ष 1980 की थी। रिकॉर्ड काफी पुराना था तो शिक्षिका ने बाद में आने की बात कही। इसी दौरान गांव मानिकपुर निवासी कृष्णपाल सिंह भी स्कूल में जा पहुंचे, उनके द्वारा भी इसी नाम व पते की टीसी की मांग की गई। जबकि दोनों ही पक्ष अपने आप को सही बता रहे थे।
ऐसे में शिक्षिका के लिए ये समझना मुश्किल हो गया कि वास्तव में असली कौन है। इसके चलते शिक्षिका ने टीसी देने से मना कर दिया। शिक्षिका का आरोप है कि लगातार दोनों पक्षों द्वारा टीसी जारी करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। सर्वेंद्र पक्ष जहां कल्यान सिंह के जेल में होने की बात कह रहा है तो वहीं धर्मेंद्र पक्ष कल्यान सिंह के दिल्ली में होने की बात कह रहा है। शिक्षिका ने मामले की शिकायत बीएसए से की है। शिक्षिका का कहना है कि उसे लगातार दबंगों द्वारा जान से मारने की धमकी दी जा रही है।
इतने सालों तक क्यों नहीं ली सुध
टीसी के मामले में दो दावेदार होने से मामला सवालों के घेरे में है। सवाल ये भी है कि आखिर इतने सालों तक किसी ने टीसी क्यों नहीं ली। अगर पहले टीसी नहीं ली गई तो आज क्या ऐसी जरूरत आ गई कि हर हाल में टीसी के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
प्रधानाध्यापक की भी हो चुकी है मृत्यु
टीसी वर्ष 1980 से संबंधित है। रिकॉर्ड में तो कल्यान सिंह द्वारा विद्यालय में शिक्षा लिए जाने की जानकारी दर्ज है, लेकिन ये कौन से कल्यान सिंह हैं ये कोई नहीं जानता। गांव वालों के अनुसार वर्ष 1980 में स्कूल में तैनात रहे प्रधानाध्यापक की भी मृत्यु हो चुकी है।
मामले की जानकारी मिली है, जो भी असली व्यक्ति होगा उसे ही टीसी जारी की जाएगी। ये जांच के बाद स्पष्ट होगा कि कौन असली है कौन नकली। फिलहाल शिक्षिका को टीसी जारी न करने के निर्देश दिए गए हैं।
विजय प्रताप सिंह बीएसए मैनपुरी।