एटा। अलीगंज विधानसभा क्षेत्र में वोट काटने का मामला एक बार फिर गर्मा गया है। इस बार मामले की जांच अपर आयुक्त प्रशासन अलीगढ़ की देखरेख में होगी। हालांकि एडीएम प्रशासन की अध्यक्षता में पहले हुई जांच में इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि मतदाता सूचियों में गड़बड़ी है। इसे दुरुस्त करने की जरूरत है।
पिछले दिनों सपा के पूर्व विधायक रामेश्वर सिंह यादव ने चुनाव आयोग लखनऊ को तीन अलग अलग शिकायत दर्ज कराईं थी। इनमें कहा गया था कि अलीगंज विधान सभा क्षेत्र में मतदेय स्थलों का गलत तथा नियम विरुद्ध तरीके से बंटवारा किया गया है। मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य में अनियमितता बरती गई है। बीएलओ की नियुक्ति में सबसे अधिक बीएलओ वर्तमान विधायक के सजातीय लगाए गए है।
इसको लेकर चुनाव आयोग ने मंडलायुक्त को निर्देश दिए है कि वह मामले की जांच कराए। इसको लेकर अपर आयुक्त प्रशासन फैसल आफताब की अध्यक्षता में तीन सदस्यों की टीम का गठन किया गया है। जिसमें उप जिला निर्वाचन अधिकारी एटा महेश चंद्र शर्मा और तहसीलदार अलीगंज आरके त्यागी को शामिल किया गया है। जो मामले की गहनता से जांच कर तथ्यात्मक रिपोर्ट एक सप्ताह में देंगे।
आधार कार्ड से लिंक कराई जाए मतदाता सूची : सत्यपाल राठौर
अलीगंज के वर्तमान विधायक सत्यपाल सिंह राठौर का कहना है कि वह भी चाहते हैं कि विधानसभा क्षेत्र की सभी मतदाता सूचियों की जांच हो। मतदाता सूची को आधार से लिंक किया जाए। जिससे एक एक गांव में बने एक ही व्यक्ति के चार फर्जी वोट कट सकें। क्योंकि अभी भी विधानसभा में 40 हजार फर्जी वोट बने हैं। राठौर ने कहा कि कई बूथों को उन्होंने ठीक करा दिया है। इन बूथों पर अभी तक विरोधी अपनी मनमर्जी से वोट डलवाते थे। अब ऐसा नहीं होगा। इसलिए यह लोग परेशान है।
बीएलओ और सुपरवाइजर काट रहे वोट : रामेश्वर सिंह यादव
सपा के पूर्व विधायक रामेश्वर सिंह यादव का कहना है कि पुनरीक्षण कार्य में विधायक के सजातीय बीएलओ और सुपरवाइजर लगाए गए है, जो जिंदा लोगों के वोट काट रहे हैं। तहसील प्रशासन विधायक का पूरा सहयोग कर रहा है। हमारे करीब 14 हजार वोट काटने के लिए बीएलओ और सुपरवाइजरों को लिस्ट दी गई है। इसे लेकर वह लिखापढ़ी कर रहे हैं। उन्हें जांच टीम पर भरोसा है।