कासगंज। ओलावृष्टि से बर्बाद किसानों के घाव पर सरकारी मदद का मरहम लगेगा। प्रशासन ने बर्बाद फसलों के नुकसान का आकलन कराया है। राजस्व टीमों ने आकलन कर 346 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फसलों के नुकसान की रिपोर्ट दी है। इसके आधार पर मुआवजे के लिए 500 से अधिक किसानों को 49 लाख का मुआवजा मिलेगा।
विगत माह बारिश के साथ ओलावृष्टि से पटियाली तहसील क्षेत्र में धान और बाजरा की फसल बर्बाद हो गई थी। सबसे अधिक नुकसान धान की फसल को हुआ था। बारिश और ओलावृष्टि से फसल जमीन पर बिछ गई।
फसलों की बर्बादी पर प्रशासन ने किसानों को राहत देने के लिए संवेदनशीलता दिखाई। डीएम आरपी सिंह के निर्देश पर एसडीएम धीरेंद्र कुमार ने राजस्व टीमें गठित कीं और ओलावृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में फसलों के नुकसान का आकलन कराया। राजस्व टीमों ने नुकसान आकलन की रिपोर्ट पूर्ण रूप से तैयार कर ली है।
तहसील प्रशासन को सौंपी गई रिपोर्ट में पाया गया है कि ओलावृष्टि से कुल 346 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फसलें बर्बाद हुईं। प्रशासन ने नुकसान से प्रभावित 500 से अधिक किसान चिह्नित किए हैं। इन किसानों को प्रशासन नुकसान के आधार पर 49 लाख का मुआवजा देगा। तहसील प्रशासन ने अपनी रिपोर्ट डीएम आरपी सिंह को दी। डीएम ने मुआवजा देने के निर्देश जारी किए हैं।
खातों में सीधेे पहुंचेगी धनराशि
कासगंज। अब तक फसलों के नुकसान के एवज में मुआवजा चैक के माध्यम से दिया जाता था। प्रशासन किसानों को निर्धारित धनराशि का खाते में देय चैक दिया जाता था। इससे पहले शासन स्तर से मुआवजा राशि का इंतजार रहता था, लेकिन अब किसानों को त्वरित राहत मिलेगी। बैंक विवरण प्रशासन ने शासन को भेज दिया है। शासन स्तर से मुआवजे की धनराशि सीधे किसानों के खाते में पहुंचेगी।
विवरण में उलझे तमाम किसान
कासगंज। प्रशासन ने किसानों को मुआवजा सीधे बैंक खाते में दिलाने के लिए विवरण मांगा है, लेकिन तमाम किसानों का विवरण उपलब्ध नहीं हो सका है। कई किसानों ने तो अभी तक आधार कार्ड ही नहीं बनवाए हैं। मुआवजे के लिए आधार कार्ड एवं बैंक पासबुक की छायाप्रति व पासपोर्ट साइज फोटो जरूरी हैं।
- 49 लाख रुपये के मुआवजे की पत्रावली तैयार कर शासन को भेज दी गई है। कुछ किसानों का बैंक विवरण नहीं मिला है। उनसे शीघ्र ही विवरण संकलित किया जाएगा। मुआवजा बहुत जल्द किसानों के खाते में पहुंचेगा।
तिमराज सिंह, तहसीलदार पटियाली