बांकेबिहारी मंदिर में सोहनी सेवा करती महिला श्रद्धालु
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वृंदावन (मथुरा)। पापाकुंशा एकादशी से शुरू हुए कार्तिक नियम व्रत सेवा के अंतर्गत शनिवार को ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में सोहनी सेवा के लिए श्रद्धालुओं में प्रेम भाव देखा गया। दोपहर राजभोग आरती के बाद मंदिर के पट बंद होने के साथ ही मंदिर परिसर की सोहनी सेवा के साक्षी बनने के लिए हाथों में झाड़ू, कपड़े लिए महिलाएं पहुंची।
महिला श्रद्धालुओं ने मंदिर के जगमोहन से लेकर मुख्य चौक तक सफाई की। कई महिलाएं अपने दुपट्टे से ठाकुरजी के गर्भगृह और चंदन कोठरी के दरवाजे को साफ करतीं दिखीं। शाम पट खुलने से पूर्व तक ठाकुर बांके बिहारीजी महाराज के मंदिर में सोहनी-सेवा हुई।
मंदिर के सेवायत प्रह्लाद गोस्वामी ने बताया कि ठाकुर बांकेबिहारी की तरह ही उनके आयोजन भी निराले हैं। भाव सेवा के अनुरूप शरद पूर्णिमा से पूर्व श्रद्धालु अपने आराध्य ठाकुर बांके बिहारी महाराज के मंदिर में सोहनी सेवा करने आते हैं। दिल्ली रोहिणी निवासी सुषमा और सुनीता ने कहा कि सोहनी सेवा को शब्दों में बया नहीं किया जा सकता है।