तालाब में तब्दील हुई नगला मंझा की गलियां
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एटा। शीतलपुर ब्लॉक की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत जिरसमी के मजरा नगला मंझा आज भी विकास के लिए तरस रहा है। गांव की गलियां जहां तालाब बनी हुई है। वहीं लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ तक नहीं मिल पाया है। यह आलम तो तक है, जब ग्रामीण जिम्मेदारों के चक्कर काट काटकर परेशान हो चुके हैं।
नगला मंझा की प्रमुख गली तालाब बनी हुईं हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के पानी निकासी को नाली का निर्माण नहीं हुआ है। इसलिए गांव का पानी गलियों में भी भरा रहता है। पानी भरा होने से घरों में सीलन पहुंच रही है। इससे मकानों में दरार पड़ रही है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश पनप रहा है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान से लेकर ब्लॉक अधिकारियों तक लगातार शिकायत करने के बाद भी विकास कार्य न होने पर रोष व्यक्त किया है।
जलभराव में रहने से मर गई भैंस
ग्रामीण शीला ने बताया कि गांव में पानी भरा होने से कीड़े पनप गए है। जहां मजबूरी में पशुओं को भी बांधना पड़ रहा है। पानी के अंदर ही सांप निकल आया। जिसके काटने से भैंस मर गई।
वर्जन
-गलियों में पानी भरा हुआ है। निकासी के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। घर की दीवारों में सीलन के चलते दरार पड़ रही है।
रेखा
-ग्राम प्रधान के चक्कर काट काटकर थक गए है। न गैस सिलेंडर मिला और नहीं किसी सरकारी योजना का लाभ।
रेनू
-विधवा पेंशन के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। मगर योजना से आज तक वंचित है।
सुनीता
-घरों के बाहर पानी भरा हुआ है। बारिश होती है तो घरों में गंदा पानी भर जाता है। नरकीय जीवन जीने को मजबूर है।
मोहनश्री