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सरकार, बेमानी है आपकी सरकारी योजनाएं

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : अमर उजाला
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एटा। योजनाओं का डंका बज रहा है। प्रचार-प्रसार हो रहा है, लेकिन असल में योजनाएं पात्रों से दूर हैं। प्रशासन ने आंकड़ों की जादूगरी दिखाकर योजनाओं के सही क्रियान्वयन पर पीठ थपथपा ली हो, लेकिन हकीकत कुछ और है। रविवार को सीएम को सब कुछ चाक चौबंद दिखाने के लिए योजनाओं को आंकड़ेबाजी में लपेट कर पेश करने की तैयारी है। पढ़िए रिपोर्ट...
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ओडीएफ बना प्रशासन की चुनौती
स्वच्छ भारत मिशन की बात करें तो हालात दयनीय है। जिला प्रशासन का दावा है कि 203 ग्राम पंचायतें और 394 राजस्व ग्राम ओडीएफ किए जा चुके हैं। 30 सितंबर तक जिले को ओडीएफ करने का दावा किया जा रहा है, लेकिन जिले के अब तक 50फीसद गांवों में शौचालय निर्माण का अनुदान लाभार्थियों को नहीं मिला है। आलम यह है कि तमाम परिवार खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। साथ ही नगर पालिका भी अब तक ओडीएफ नहीं है।
घरों में चूल्हे पर पक रहा खाना
केंद्र सरकार की उज्जवला योजना भी जिले में हाशिए पर है। प्रशासन 85548 गैस कनेक्शन बांटने का दावा कर रहा है, लेकिन हकीकत कुछ और है। तमाम घरों मेें आज भी महिलाएं चूल्हे पर खाना पकाने को मजबूर हैं। साथ ही तमाम लाभार्थियों ने उज्जवला योजना में मिले गैस कनेक्शन को बेंच दिया है। मामले में अब तक जांच नहीं हुई।
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ग्रामीण पाइप लाइनें जर्जर
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासन 13 पेयजल परियोजनाओं को पूरा करने का दम भर रहा है। मगर हकीकत है कि 26 ग्रामीण पेयजल परियोजनाएं बंद पड़ी हैं। ऐसे में ग्रामीणों को पानी नसीब नहीं हो रहा है।
जनता खा रही हिचकोले
प्रदेश सरकार के गड्ढा मुक्ति अभियान को भी जिले में पलीता लग गया है। प्रशासन का दावा है कि जिले में 656.887 किमी की 319 सड़कें गड्ढा मुक्त हो गई हैं। मगर हकीकत है कि नगर के ही तमाम मार्ग गड्ढे के शिकार हैं। पीपल अड्डा, रेलवे रोड, ठंडी सड़क, अलीगंज रोड पर गड्ढों का आलम बरकरार है। जबकि गांवों के संपर्क मार्गों का हाल भी बदहाल है। ऐसे में गड्ढा मुक्ति अभियान का दम निकल गया है।
कब्जों में दफन एंटी-भू माफिया
जिले में अवैध कब्जों की सैकड़ों शिकायतें रोज प्रशासनिक अधिकारियों के दफ्तरों में पहुंचती हैं, लेकिन कार्रवाई जीरो है। जबकि प्रशासन का दावा है कि 334.215 हैक्टेयर भूमि अवैध कब्जे से मुक्त है। चार भूमाफियाओं पर आज तक पुख्ता कार्रवाई नहीं हो सकी है।
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