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दो वर्ष में सिर्फ एक रुपये बढ़ी मजदूरी, हसरत रहेगी अधूरी

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मैनपुरी। मनरेगा मजदूरों के हाथ निराशा लगी। उम्मीदें करने के बाद भी शासन ने वर्ष 2018-19 में मनरेगा मजदूरी में कोई भी बढ़ोतरी नहीं की है। वहीं, पिछले सत्र में केवल एक रुपया ही मनरेगा मजदूरी बढ़ाई गई थी। उधर, मजदूरों को का कहना है कि महंगाई के कारण दो जून की रोटी की हसरत भी पूरी नहीं होती दिख रही है।
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गांवों से शहरों की ओर रोजगार की तलाश में बढ़ते पलायन को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने मनरेगा योजना की शुरुआत 2005 में की थी।
पिछले दो वर्षों में मनरेगा के तहत कार्य करने वाले मजदूरों की मजदूरी मात्र एक रुपया ही बढ़ी। इसमें से वर्ष 2017-18 में मजदूरी एक रुपये बढ़ाई गई थी। इस वर्ष 2018-19 में कोई भी बढ़ोतरी नहीं की गई है। इससे मनरेगा मजदूरों में निराशा है।
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