जिले में मादक पदार्थों की तस्करी का काम काफी समय से चल रहा है। तस्करी से जुड़े लोग बहुत ही योजना पूर्वक इस कारोबार को कर रहे हैं। तस्करों के तार नेपाल बार्डर से लेकर राजस्थान, मध्यप्रदेश व अन्य क्षेत्रों के तस्करों से जुड़े हैं। पुलिस कई बार स्मैक, हेरोइन जैसे पदार्थ भी बरामद कर चुकी है, लेकिन इन तस्करों का तंत्र नहीं टूट पाया है।
सोरों में एक दिन पूर्व तीन लोगों की मौत स्मैक की लत के कारण अलग-अलग स्थानों पर होने के बाद से मादक पदार्थों के कारोबार को लेकर फिर से चर्चाएं तेज हो गईं हैं। तस्करी के इस खेल में तमाम लोग लगे हुए हैं। सूत्रों का कहना है कि स्मैक, अफीम व अन्य मादक पदार्थ नेपाल बार्डर के रास्ते से तस्करी करके ट्रेन व अन्य माध्यमों से लाया जाता है। इसमें तस्कर महिलाओं का भी इस्तेमाल करते हैं। बताया जाता है कि जिले में तस्करों ने जंक्शन बना दिया है। पहले मादक पदार्थ यहां लाया जाता है इसके बाद इसकी सप्लाई राजस्थान, मध्यप्रदेश व अन्य स्थानों पर की जाती है। मथुरा क्षेत्र के लोग भी इस नेटवर्क में जुड़े हैं जो कासगंज से आगे का काम निपटाते हैं। सप्लाई भी उन्हीं के द्वारा की जाती है। यहां जंक्शन से राजस्थान, बिहार, महाराष्ट्र की ओर आने जाने वाली ट्रेनों के माध्यम से अपने काम को अंजाम दे रहे हैं।
पुलिस अधीक्षक पीयूष कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि वे मादक द्रव्य के नेटवर्क से जुड़े लोगों के संबंध में जानकारी जुटा रहे हैं। पुलिस और क्राइम ब्रांच को इस संबंध में निर्देशित किया गया है। पुलिस पूरी तरह से सक्रिय होकर जुटी हुई है।