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दिव्यांग कोटे से शिक्षक बनने वालों की होगी मेडिकल जांच

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मैनपुरी। फर्जी दिव्यांगता प्रमाणपत्र के साथ शिक्षक बनने वालों की अब खैर नहीं होगी। शासन ने ऐसे लोगों की जांच का निर्णय लिया है। इस संबंध में जनपद में दिव्यांग कोटे से शिक्षक बनने वालों को बीएसए ने नोटिस जारी कर जांच के लिए बोर्ड के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।
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शिक्षा विभाग में एक के बाद एक फर्जीवाड़े सामने आ रहे हैं। बीएड के फर्जी प्रमाणपत्रों के बाद अब फर्जी दिव्यांगता प्रमाणपत्र के सहारे शिक्षक बनने का मामला संज्ञान में आया है।

शासन ने इसको प्रमुखता से लिया है। शासन के निर्देश पर दिव्यांग कोटे से शिक्षक बनने वालों की जांच विशेष बोर्ड से कराई जाएगी। इसके लिए लखनऊ के बलरामपुर चिकित्सालय में बोर्ड का गठन कर जांच कराने का निर्णय लिया है। जनपद में पिछली तीन भर्तियों में दिव्यांगता कोटे से शिक्षक बनने वालों की जांच कराई जाएगी। इनकी संख्या 50 से अधिक बताई जा रही है।
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प्रथम चरण में जनपद के पांच शिक्षकों को पांच फरवरी को बोर्ड के समक्ष उपस्थित होने के नोटिस जारी किए गए हैं। बीएसए विजय प्रताप सिंह ने इन शिक्षकों को नोटिस जारी करते हुए कहा कि पांच फरवरी को बलरामपुर चिकित्सालय लखनऊ में वे सुबह 10 बजे बोर्ड की जांच में उपस्थित होना सुनिश्चित करें।

शासन के निर्देश पर दिव्यांग कोटे से शिक्षक बनने वालों की मेडिकल बोर्ड से जांच कराई जा रही है। जिन शिक्षकों के नाम डायट से प्राप्त हुए थे उनको नोटिस भेजे जा रहे हैं।
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विजय प्रताप सिंह, बीएसए मैनपुरी
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