फिरोजाबाद। पर्यावरण मंत्रालय ने उद्योग विभाग से गैस मांगने वाली इकाई और उनके निवेश की रिपोर्ट तलब की है। मंत्रालय को रिपोर्ट भेजने के लिए रविवार को उद्योग विभाग के अफसर संबंधित इकाइयों की फाइलों पर मंथन करते रहे।
टीटीजेड में बढ़ते प्रदूषण और आए दिन होने वाली शिकायतों के मद्देनजर मंडलायुक्त ने जनवरी-15 से नई इकाइयां स्थापित करने ओर क्षमता विस्तार को बैन कर दिया है। टीटीजेड के फरमान से उन उद्यमियों को तगड़ा झटका लगा है, जो करोड़ों का निवेश कर जल्द इकाई चालू होने की उम्मीद लगाए थे। टीटीजेड के आदेश के बाद 43 इकाइयां प्रतीक्षारत सूची में शामिल थीं।
उद्योग विभाग द्घारा ऐसी इकाइयों की सूची तैयार की गई, जिनके द्वारा सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली गईं हैं। उन्हें गैस मिलना बाकी है। टीटीजेड में प्रदूषण की जांच रिपोर्ट और अन्य तथ्यों पर 18 दिसंबर को डीएम नेहा शर्मा ने कहा था कि प्रतीक्षारत इकाइयों को गैस मिलने की अनुमति दी जाए।
अब पर्यावरण मंत्रालय ने उद्योग विभाग से 18 इकाइयों को ब्यौरा तलब किया है। उद्योग विभाग से जुड़े सूत्रों की मानें तो 18 में से छह ऐसी इकाइयां हैं, जिनमें एक-एक करोड़ से अधिक का निवेश है। 12 ऐसी इकाइयां हैं, जिनमें एक करोड़ से कम निवेश है। उद्योग विभाग इन इकाइयों की रिपोर्ट मंत्रालय को भेजने की तैयारी में है।