फिरोजाबाद। वर्ष 2017 में उद्योग जगत पर अपराधी हावी दिखाई दिए। फिरौती को शहर के प्रमुख उद्यमी के अपहरण और रिहाई का मामला चर्चित रहा। बीसी संचालक के द्वारा रचे गए अपहरण के ड्रामे की गूंज पूरे देश में गूंजी। करोड़ोें का कारोबार करने वाली महिला कारोबारी के गायब होने से भी उद्योगजगत को झटका लगा। हादसे, हत्या, लूट एवं डकैती की घटनाओं से जिला थर्राता रहा।
30 जनवरी: थाना उत्तर के गोमतीनगर में मेजर प्रभाष्कर राय के घर दिन दहाड़े करोड़ों की डकैती हुई।
19 फरवरी: को बंबा बाईपास मार्ग पर बच्चे की मौत के बाद बवाल हुआ।
27 फरवरी: हाथवंत क्षेत्र के छह घरों में लूटपाट।
27 फरवरी: थाना दक्षिण के भोजपुरा में युवक को पीट-पीटकर मार डाला।
14 मार्च: एसआर ग्लास में आग लगी और दो श्रमिकों की मौत हो गई।
15 मार्च: थाना टूंडला के उसायनी में भाजपा समर्थक की हत्या के बाद बवाल।
20 मार्च: भाजपा नेता प्रेमचंद्र शंखवार के घर फायरिंग सोनू, मोनू पर शिकंजा।
19 मई: प्रमुख उद्यमी संजय मित्तल के अपहरण का मामला।
26 मई: एक अपराधी बॉक्सर को जेल भेजा।
01 जून: मथुरा में हुए सड़क हादसे में फिरोजाबाद के नगला अमान निवासी एक ही परिवार के छह लोगों की मौत हुई थी।
17 जून: सिरसागंज से औछा मार्ग पर युवक की हत्या के बाद बवाल हुआ।
01 जुलाई: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर मेरठ के सपा नेता पिंटू राणा की हादसे में मौत।
05 जुलाई: 200 रुपया की खातिर दोस्तों ने दोस्त को मार डाला था।
21 जुलाई: युवा उद्यमी एवं बीसी के कारोबारी संजीव गुप्ता के अपहरण का ड्रामा। पुलिस ने पत्नी सारिका, साला सागर, भांजा विकल्प के साथ जेल भेजा।
22 जुलाई: नगला खंगर में प्रेमी युगल ने ट्रेन के आगे छलांग लगाई।
30 जुलाई: रेलवे के रिटायर्ड कर्मचारी के घर डाका पड़ा।
01 अगस्त: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर हादसे के बाद बवाल हुआ।
05 अगस्त: कुल्हाड़ी से काटकर छात्र की हत्या।
22 अगस्त: टूंडला क्षेत्र में स्कार्पियो एवं ट्रैक्टर की भिड़ंत में तीन श्रद्धालुओं की मौत।
06 सितंबर: शिकोहाबाद के सूर्या बीड्स फैक्ट्री में धमाका, तीन श्रमिकों की मौत हुई।
25 सितंबर: को विधायक मनीष असीजा के घर फायरिंग एवं धमकी भरे मैसेज का मामला।
27 सितंबर: राजा का ताल में पिता ने बेटी खुशबू की गोली मारकर हत्या कर दी।
30 सितंबर: आकांक्षा अग्रवाल ने दवा खाकर की आत्महत्या।
05 अक्तूबर: पुलिस की थर्ड डिग्री से दुकानदार की हालत बिगड़ी।
06 अक्तूबर: जसराना क्षेत्र में दंपति को घायल करके राशन डीलर के घर लाखों की डकैती, महिला की मौत।
20 अक्तूबर: ग्रामीण की गोली मारकर हत्या।
22 अक्तूबर: शिकोहाबाद में बेटे के सामने मां की गला रेतकर पिता ने की हत्या।
18 नवंबर: जसराना में बीमा एजेंट विजय बहादुर का शव टॉयलेट में मिला।
11 दिसंबर: को नगला पचिया में सिलेंडर फटने से छत उड़ी।
अपराध श्रेणी वर्ष 2016 वर्ष 2017
हत्या 73 71
लूट 65 88
डकैती 06 07
अपहरण 03 02
नकबजनी 82 105
चोरी 742 780
दहेज उत्पीड़न 61 41
बलात्कार 35 41
बलवा 232 205
हत्या का प्रयास 181 136
जिले में वित्तीय वर्ष 2016 में आईपीसी के 4739 मामला दर्ज किए गए थे। जबकि वित्तीय वर्ष 2017 में यह संख्या नवंबर माह के अंत तक 4324 तक पहुंच सकी थी।
फिरोजाबाद। बीता वर्ष 2017 में खाकी के लिए अच्छा नहीं रहा। आठ अप्रैल को थाना नारखी क्षेत्र में खनन माफियाओं ने डायल 100 के सिपाही रवि राघव की ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या कर दी थी। थानाध्यक्ष बसई मोहम्मदपुर सहित कई सिपाही सस्पेंड हुए थे।
13 जून को थाना दक्षिण क्षेत्र के मोहम्मदगंज में डायल 100 के सिपाहियों से हाथापाई कर रिवाल्वर छीनी तो 28 जून को थाना नसीरपुर क्षेत्र के नगला चंदा में हैड कांस्टेबिल एवं सिपाही को दौड़ा-दौड़कर पीटा, वर्दी फाड़ दी। 17 जुलाई को लाइनपार के गुदाऊं के समीप सिपाही राजनलाल एवं तेजवीर सिंह को खनन माफियाओं ने दौड़ाकर इसलिए पीटा क्योंकि ट्रैक्टरों को रोक लिया था।
एक अगस्त को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर थाना मटसेना क्षेत्र में दुर्घटना के बाद आक्रोशित भीड़ ने पुलिस टीम पर पथराव किया। 14 अक्तूबर को रामगढ़ के एसएचओ प्रवींद्र कुमार सिंह से भाजपा नेताओं ने अभद्रता की। तीन नवंबर को सिकेहरा में पुलिस टीम पर पथराव की घटना हुई। 22 दिसंबर को थाना रामगढ़ में फौजी ने थाने में उप निरीक्षक से अभद्रता मुकदमा दर्ज।
महिलाओं के ऊपर होने वाले अपराधों में पहले की अपेक्षाकृत कमी दिखाई दी। हालांकि बलात्कार की घटनाओं में बढ़ोत्तरी हुई है। 30 अगस्त को दो किशोरियों के साथ रेप की घटना हुई। गतवर्ष बलात्कार के 35 मामले दर्ज हुए थे। 2017 में नवंबर तक 41 मामले दर्ज हुए हैं। दहेज हत्या में गतवर्ष 61 मामले दर्ज हुए थे इनकी संख्या घटी है यह 41 दर्ज हुए हैं। महिलाओं के साथ छेड़खानी या फिर अन्य घटनाओं में बढ़ोत्तरी हुई है।
अपराधों को पंजीयन प्राथमिकता के आधार पर सभी थानों में किया जा रहा है। अपराध को छिपाने के बजाय दर्ज करके उसकी सही विवेचना करके न्याय दिलाने को वरीयता प्रदान की जा रही है। हमें उम्मीद है कि नए वर्ष में पुलिस टीम नई ऊर्जा के साथ अपराध कंट्रोल करेगी।
डा.मनोज कुमार एसएसपी फिरोजाबाद।