फिरोजाबाद। परीक्षा केंद्र न बनना कालेज संचालकों के लिए प्रतिष्ठा का विषय बन गया है। अभी शासन से फाइनल परीक्षा केंद्रों की सूची आना बाकी है, उससे पूर्व कालेज संचालक हर संभव प्रयास कर रहे हैं। कई कालेज संचालकों ने मुख्यमंत्री एवं डिप्टी सीएम से शिकायतें की हैं।
जिले में इस बार सिर्फ 115 परीक्षा केंद्र बनने से अधिकांश कालेज संचालकों को आपत्तियां हैं। यही कारण है परीक्षा केंद्र बनने से ज्यादा आपत्तियां आ गईं थीं। हालांकि जिला स्तर से फाइनल सूची शासन को भेज दी गई है। परीक्षाओं तक शिकायतों का दौर चलेगा।
कई कालेज संचालक खुद डिप्टी सीएम से मुलाकात कर अधिकारियों द्वारा सत्यापन रिपोर्ट पर सवाल उठाए हैं। डीएम स्तर से बात नहीं बनी तो कईयों ने सीएम एवं डिप्टी सीएम को शिकायती पत्र भेजा है। डीआईओएस रितु गोयल का कहना है कि शिकायतें परीक्षाओं तक चलती रहेगीं। जिनके परीक्षा केंद्र नहीं बने, वे शिकायत करेंगे।
फिरोजाबाद। केंद्र संचालकों ने पहले डीएम स्तर पर शिकायत की थी। इसके बाद शिकायती पत्र विभाग को अग्रसारित किया जाता था। विभाग उन पर लिख देता है कि स्थानीय स्तर पर सेंटर बनाने की प्रक्रिया बंद हो चुकी है। ऐसे में अब सीएम एवं डीएम से शिकायतें कर रहे हैं।