फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भाजपा में टिकट की जांग, नूतन राठौर ने बाजी मारी

विज्ञापन
bjp - फोटो : डेमो
विज्ञापन
फिरोजाबाद। लंबे इंतजार के बाद भाजपा ने महापौर पद के उम्मीदवार की घोषणा कर दी। भाजपा के वरिष्ठ नेता मंगल सिंह राठौर की पुत्री नूतन राठौर महापौर का चुनाव भाजपा से लडे़ंगी। उच्च शिक्षित नूतन राठौर युवा हैं और कई स्वयंसेवी संगठनों से जुड़ी हुई हैं। सिरसागंज से भाजपा ने सोनी शिवहरे को टिकट दिया है।
विज्ञापन


भाजपा में टिकट को लेकर घमासान की स्थिति थी। टिकट के दावेदारों से कहीं अधिक पार्टी के कद्दावर नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी। यही कारण है कि यहां टिकट के लिए दावेदारों से अधिक अपने पाले में टिकट हथियाने की होड़ भाजपा नेताओं में लगी थी। नूतन राठौर के नाम पर पार्टी हाईकमान इसलिए गंभीरता से विचार करने लगा एक तो पार्र्टी के एक बडे़ राष्ट्रीय नेता उनकी पैरवी कर रहे थे। दूसरे मंगल सिंह राठौर खांटी भाजपाई हैं।

वे भाजपा में कई पदों पर काम कर चुके हैं। दूसरा सबसे बड़ा कारण नूतन राठौर की प्रोफाइल रही। नूतन राठौर युवा हैं और उच्च शिक्षित बीएससी और एमबीए हैं। तीस वर्षीय नूतन राठौर अविवाहित हैं। कई एनजीओ से जुड़ीं हैं। महिला चेतना मंच छतरपुर से जुड़ कर उन्होंने स्वयं सहायता समूह के जरिए महिलाओं के लिए काम किया। दिल्ली की दो एनजीओ से जुड़ कर उन्होंने कामकाजी महिलाओं के बीच स्वावलंबन पर काम किया है। हालांकि नूतन राठौर की नौकरी बैंक में लग गई थी, लेकिन उन्होंने नौकरी करने की वजाए एनजीओ से जुड़ कर काम करना बेहतर समझा।
विज्ञापन


राजनीति में उनका यह पहला कदम है। भाजपा में टिकट फाइनल करने वाली टीम के सामने पिछड़े वर्ग से जुड़ी नूतन राठौर जब इस प्रोफाइल से साथ पहुंची तो प्रोफाइल के साथ युवा चेहरे पर पार्टी ने दांव लगा दिया। प्रोफाइल की तुलना में टिकट की दौड़ में डा. एसपी लहरी की पत्नी डा. लक्ष्मी लहरी का नाम राठौर के साथ टाप सूची में था, लेकिन बड़े नेताओं की पैरवी में पिछड़ गए। भारी कशमकश के बीच लखनऊ से रात दो बजे नूतन राठौर का नाम फाइनल कर सूची की गई। सुबह भाजपा नेता मंगल सिंह राठौर के आवास पर भाजपा नेताओं का जमावड़ा लग गया।

भाजपा ने मंगलवार को नगर निगम और सिरसागंज अध्यक्ष पद का प्रत्याशी छोड़ कर सभी उम्मीदवार घोषित कर दिए थे। पेंच इन दोनों पर फंसा था। सिरसागंज में टिकट को लेकर भाजपा के स्थानीय अध्यक्ष सोनी शिवहरे और डा. गुरुदत्त सिंह के बीच रस्साकसी चल रही थी। टिकट की जंग में बाजी सोनी शिवहरे के हाथ लगी और लखनऊ से रात दो बजे बाद उनके नाम की घोषणा हुई। विरोध का मौका कम से कम मिले इसलिए देर रात और ऐन वक्त पर घोषणा की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें