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गंगाजल मिलने का रास्ता साफ, जेड़ाझाल के लिए 50 क्यूसेक पानी मंजूर

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गंगा
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फिरोजाबाद। सुहाग नगरी के लिए यह दिवाली का तोहफा ही है कि शहर को गंगाजल मिलने का रास्ता साफ हो गया। जेड़ाझाल परियोजना बनने के बाद से पानी का मामला अटका हुआ था। इस पर सिंचाई विभाग की तरफ से शासनादेश जारी कर दिया है और टिहरी निचली गंगा से परियोजना को 50 क्यूसेक पानी देने की मंजूरी दे दी गई है।
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पानी को लेकर नगर विधायक मनीष असीजा ने गत दिनों सिंचाई और जल संसाधन विभाग लखनऊ में बात की थी और पानी को लेकर अटकी फाइल पर मंजूरी देने का मुद्दा उठाया था। सपा सरकार में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 16 मार्च 2013 को जिले को जसराना नवीन नहर परियोजना के नाम से बड़ा तोहफा दिया।

663 करोड़ की योजना में 140 करोड़ से नंदपुर तक 38 किमी लंबी नहर बनाने तथा सैलई में ट्रीटमेंट प्लांट लगाकर शहर को मीठा पानी देने की योजना है। परियोजना को शासन से 433 करोड़ की मंजूरी मिली। शासन से बजट जारी होने के साथ परियोजना पर कार्य शुरू हो गया। परियोजना में सबसे महत्वपूर्ण बात यह थी कि करोड़ों रुपया खर्च होने के बाद भी यह अनुबंध नहीं हो सका था कि शहर को परियोजना से कितना पानी मिलेगा।
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नगर विधायक मनीष असीजा ने बताया है कि प्रमुख सचिव सुरेशचंद्रा ने जारी आदेश में कहा है कि नगर निगम को पेयजल आपूर्ति के लिए 50 क्यूसेक जल सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा।

जसराना नवीन नहर परियोजना को टिहरी जलाशय से प्राप्त होने वाले परिकल्पित 200 क्यूसेक में से 50 क्यूसेक जल नगर निगम को पेयजल आपूर्ति के लिए आवंटित किया जाएगा। पानी की आपूर्ति के लिए रेगूलेटर का निर्माण कार्य, इंटेक एवं आउटलेट कार्य, स्ट्रक्चर्स का निर्माण नगर निगम द्वारा उपलब्ध कराए गए धन से सिंचाई विभाग द्वारा डिपाजिट वर्क के रूप में किया जाएगा। नगर निगम द्वारा मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल व अन्य संयत्र लगाने का कार्य, रखरखाव का समस्त व्यय भार स्वयं वहन किया जाएगा।

10 वर्ष की अवधि के लिए होगा अनुबंध

जेड़ाझाल परियोजना के तहत जनता को मीठा पानी मुहैया कराने के लिए शासन द्वारा 10 वर्ष की अवधि के लिए अनुबंध किया जाएगा। विधायक असीजा ने बताया कि प्रमुख सचिव सुरेशचंद्रा ने कहा है कि नगर निगम के साथ किए जाने वाले अनुबंध की अवधि 10 वर्ष के लिए होगी।

इसके बाद परिस्थितियों के आधार पर आवेदन पर संभावित समयवृद्धि का अधिकार उपभोग करने वाले विभाग, सिंचाई विभाग के सक्षम अधिकारी के मध्य समन्वय स्थापित करने के पश्चात होगा।

कंपनी पर पचास लाख का जुर्माना

सदर विधायक मनीष असीजा के साथ गुरुवार को जलनिगम के एमडी राजेश मित्तल, चीफ इंजीनियर आरके गर्ग, एक्सईएन राकेश कुमार, एक्सईएन राजकुमार शर्मा के साथ सैलई में जेड़ाझाल परियोजना के तहत निर्माणाधीन वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अफसरों ने प्लांट की प्रगति कम पाई। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए एमडी ने कंपनी ने करीब 50 लाख का जुर्माना लगाने के निर्देश दिए हैं।
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