फिरोजाबाद। अपहरण का नाटक रचने वाले संजीव गुप्ता, उनकी पत्नी सारिका गुप्ता और रिश्तेदार विकल्प गुप्ता पर पुलिस जांच के दौरान जहां शिकंजा कस रही है। वहीं सारिका गुप्ता के भाई सागर गुप्ता को मामले में क्लीन चिट देने के साथ ही उसको आगे की कार्रवाई से बचाया जा सकता है। आरोपियों को जेल भेजने के साथ ही दो दिन से चल रही जांच के दौरान सागर के खिलाफ पुलिस के हाथ कोई ठोस सबूत नहीं लगे हैं।
करोड़ों की देनदारी और नीता पांडेय उनके पति प्रदीप पांडेय के साथ अमित गुप्ता को जेल भेजने के लिए ऑर्चिट ग्रीन निवासी संजीव गुप्ता ने अपनी पत्नी सारिका गुप्ता तथा रिश्तेदार विकल्प के साथ अपहरण की नाटक तैयार किया था। एक अगस्त को संजीव गुप्ता, सारिका गुप्ता, रिश्तेदार विकल्प और साला सागर को अपहरण के फर्जी नाटक में जेल भेज दिया। चारों आरोपियों को जेल भेजने के साथ ही पुलिस ने आगे की जांच शुरु की तो पुलिस के हाथ सागर के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिले। वहीं,
पुलिस ने सागर को 120बी के साथ अन्य धाराओं में भी मुल्जिम बनाया है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सागर गुप्ता अभी तक की जांच में निर्दोष पाया गया है, जांच जारी है। यदि जांच पूरी होने तक उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिलते है। तो उसके खिलाफ आगे की कार्रवाई नहीं की जाएगी।