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पहले चरण में 32396 किसानों का ऋण होगा माफ

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एटा।
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मुख्यमंत्री कृषि ऋण मोचन योजना के तहत पहले चरण में जिले के 32396 केसीसी धारक किसानों के अभिलेखों का सत्यापन दोबारा कराने के बाद ऋण माफी का लाभ दिया जाएगा। प्रमुख सचिव कृषि ने ऋण माफी के दायरे में आए किसानों की सूची जिला प्रशासन को भेज कर आठ अगस्त कर लेखपालों से सत्यापन कराने के आदेश दिए हैं। सत्यापन के बाद पहले चरण में ऋण माफी के दायरे में आए इन किसानों का ऋण माफ किया जाएगा।
जिला कृषि अधिकारी सर्वेश कुमार यादव ने बताया कि जिले की बैंकों ने 65,658 कर्जदार किसानों का डाटा फीड किया था। इन किसानों ने बैंकों से छह अरब 23 करोड़ से अधिक रुपये फसली ऋण लेने के बाद करीब 11 करोड़ रुपये कर्ज लौटा दिया है। बैंकों की ओर से कृषि निदेशालय को भेजी गई किसानों की सूची को फिल्टर कर दोबारा जिला प्रशासन को भेजा गया है। सूची में दर्ज 65658 किसानों में 290 किसानों के नाम डिलीट कर फाइनल सूची 65,368 किसानों की भेजी गई है। इनमें से 32,396 किसानों के आधार लिंक हैं, जबकि 33,262 किसानों के आधार लिंक नहीं हैं। अब शासन ने पहले चरण में ऋण माफी का लाभ देने के लिए 32,396 के अभिलेखों का दोबारा सत्यापन कराने का फैसला किया है। प्रमुख सचिव कृषि राजनीश गुप्ता ने आदेश में कहा कि किसी प्रकार की गड़बड़ी से बचने के लिए बैंकों से मिली किसानों की सूची का तहसीलदार के माध्यम से लेखपालों द्वारा आठ अगस्त कर सत्यापन कराया जाए ताकि पहले चरण में जिन किसानों को एक लाख रुपये कर्ज माफ होना है उनकी सूची तैयार की जा सके।
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सत्यापन के लिए किसानों को देना होगा शपथपत्र
32,396 किसानों के अभिलेखों का दोबारा सत्यापन होना है इन्हें एक शपथ पत्र भी देना होगा। इसमें किसानों को जिला, तहसील, गांव का नाम, खाता संख्या, गाटा संख्या, गाटा का क्षेत्रफल, गाटा में किसान का अंश और क्षेत्रफल का ब्योरा देना होगा। शासन ने शपथपत्र का प्रारूप भी भेजा है। जिला कृषि अधिकारी सर्वेश यादव ने बताया कि कर्ज माफी के दायरे में दूसरे चरण में आए जिले के 33,262 किसानों को अपने केसीसी खाते से आधार लिंक कराना होगा।
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लेखपालों को दी गई सत्यापन के लिए ट्रेनिंग
सदर तहसील परिसर में बुधवार को सत्यापन में लगाए गए अधिकारियों, लेखपालों, अमीनों को पहले चरण में कर्जमाफी के दायरे में आए केसीसी खाताधारकों के अभिलेखों के सत्यापन के लिए ट्रेनिंग दी गई। सत्यापन में लेखपाल लघु, सीमांत, बड़े किसानों का निर्धारण कर मृतक किसानों का ब्योरा भी जुटाएं।
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