एटा। अब आपको हैसियत, वसीयत और चरित्र प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आपको सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने होेंगे। जल्द ही जिले में आय और जाति प्रमाण पत्रों की तर्ज पर इन प्रमाण पत्रों भी को ऑनलाइन बनवाने की व्यवस्था लागू करने के लिए प्रदेश सरकार साफ्टवेयर पर काम करा रही है। इसके शुरू होने से अवैध वसूली से निजात मिलेगी।
चरित्र, वारिसान और हैसियत जैसे प्रमाणपत्र बनवाने के लिए कलक्ट्रेट के कई चक्कर लगाने पड़ते हैं। आवेदन करने के बाद एसएसपी दफ्तर, थाना, चौकी की रिपोर्ट लगने के बाद आवेदन दोबारा एसएसपी कार्यालय पहुंचता है। इसके बाद एलआईयू की रिपोर्ट लगने, एसएसपी और डीएम के हस्ताक्षर के बाद प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। इस प्रकिया में दो से तीन महीने लग जाते हैं। वहीं सरकारी दफ्तरों में आवेदकों से सुविधा शुल्क भी वसूल किया जाता है। ऐसे में प्रदेश सरकार ने इन प्रमाण पत्रों के लिए आवेदन ऑनलाइन करने का मन बनाया है। ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू होने पर आपको सिर्फ जन सुविधा केंद्र पर आवेदन करना होगा। आनलाइन योजना के लिए तैयार किए जा रहे साफ्टवेयर से उन सभी विभागों को जोड़ जाएगा, जिनकी रिपोर्ट प्रमाणत्र बनाने के लिए लगती है। आवेदन होते ही विभाग के अधिकारी और कर्मचारी खुद रिपोर्ट लगाएंगे और तय समय में हैसियत, चरित्र और वारिसान प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा।