मथुरा। जीएसटी के विरोध में मथुरा का कपड़ा बाजार बंद रहा। कारोबारियों ने वित्त मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा इसमें कहा कि कपड़े पर जीएसटी लगाया गया तो कारोबार चौपट हो जाएगा और दूसरी ओर इसका आम लोगों पर इसका बुरा असर पड़ेगा।
थोक कपड़ा व्यवसायी समिति द्वारा गुरुवार को बाजार बंद का ऐलान किया गया था। इसका सीधा असर शहर की प्रमुख कपड़ा मार्केट पर देखने को मिला। होली गेट स्थित तिलकद्वार अग्रवाल धर्मशाला मार्केट, मुकंद काम्प्लैक्स, पूजा मार्केट, सेठबाड़ा, कोतवाली रोड, कंहैया
क्लौथ मार्केट सहित कपड़े के मुख्य बाजार पूरी तरह से बंद रहे।
समिति के पदाधिकारीयों के एक प्रतिनिधि मंडल ने ज्वाइंट कमिश्नर सचल दल एवं एसआईबी अनूप कुमार प्रधान के माध्यम से वित्त मंत्री को ज्ञापन सौंपा। इसमें दो टूक कहा गया कि आजादी के बाद पहली बार कपड़े पर सरकार द्वारा कर लगाया जा रहा है।
कपड़ा आम व्यक्ति की मूलभूत आवश्यकता है। इस दौरान अध्यक्ष मीनालाल अग्रवाल, महामंत्री ओम प्रकाश अग्रवाल, राजकुमार, घनश्याम दास, मुकेश खंडेलवाल, विकास गोयल, हरिओम अग्रवाल, राजेंद्र कुमार, जगदीश प्रसाद सैनी आदि थे।
वित्त मंत्री का पुतला फूंका, नारेबाजी
सौंख में कपड़ा व्यापारियों ने जीएसटी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर वित्त मंत्री अरुण जेटली का पुतला दहन किया। केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे व्यापारियों ने बाजार बंद कर पैदल मार्च भी निकाला। व्यापारी सुनील व जगदीश अग्रवाल का कहना है कि केंद्र सरकार को छोटे-छोटे कपड़ा विक्रेता जीएसटी के दायरे में नहीं लाना चाहिए। इसे शीघ्र हटाया जाए।