कासगंज। मथुरा-बरेली राजमार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग में परिवर्तित करने की कवायद तेज हो गई है। कासगंज-सोरों के बीच पूर्व के डीपीआर में किए गए संशोधन का नक्शा जिला प्रशासन ने एनएचएआई से मांगा है। नक्शा मिलने के बाद ही प्रशासन जिले की हद में सड़क निर्माण की सहमति देगा।
राजमार्ग को 430 बी राष्ट्रीय राजमार्ग का नाम दिया गया है। इस सिक्सलेन नेशनल हाईवे के पूर्व में तैयार नक्शे के विरोध में कई गांव के ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। उसके बाद एनएचएआई ने नक्शे में संशोधन कर दिया। संशोधित नक्शे को सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने स्वीकृति दे दी। एनएचएआई अब काम शुरू करने की तैयारी कर चुका है, लेकिन एनएचएआई ने अभी तक कासगंज से कलक्ट्रेट के बीच संशोधित की गई डीपीआर का नक्शा प्रशासन को नहीं दिया है। जिस पर प्रशासन असंतुष्ट है। जिला प्रशासन ने एनएचएआई को पत्र भेजा है और ले आउट का बदला हुआ नक्शा मांगा है। स्पष्ट किया है कि नक्शा उपलब्ध होने के बाद ही जिले की हद में सिक्सलेन का काम किया जा सकेगा। बता दें कि बरेली-मथुरा के बीच फोरलेन का काम हो जाने के बाद सफर काफी सुहाना हो जाएगा। लंबी दूरी कम समय में तय हो सकेगी।
इन गांव से निकलेगा सिक्सलेन
कासगंज। गांव गोरहा, तकुआवर, देवरी, प्रहलादपुर, आनंदीपुर, होडलपुर, हिमायूंपुर, फरीदनगर, जगबतपुर, पहाड़पुर, कटरा, श्यामसर, बहादुरनगर, शाहपुरमाफी, मल्लाहनगर, तुमरिया, सराय, जुन्नारदार, मानपुर नगरिया एवं हसनपुर व न्यौली गांव से सिक्सलेन गुजरेगा।
इनका कहना है
कासगंज से कलक्ट्रेट के बीच बाईपास, पुलिसलाइन के अलावा कुछ और क्षेत्र के सिक्सलेन नक्शे में बदलाव किया गया था। एनएचएआई ने अभी तक संशोधित लेआउट का नक्शा नहीं दिया है। पत्र भेजकर नक्शा मांगा गया है।
- योगेंद्र कुमार, एडीएम