एटा। एक बार फिर से पूर्ण बहुमत में सत्ता में आई केंद्र सरकार ने देश के विकास का रोडमैप तैयार करना शुरू कर दिया है। पिछली सरकार में छेड़े गए स्वच्छता अभियान के बाद इस बार सरकार का फोकस जल संचयन पर होगा। इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्राम प्रधानों को पत्र लिखकर जल संरक्षण की मुहिम के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करने की अपील की है।
साल 2014 में सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छता अभियान के माध्यम से गांवों में शौचालय बनवाने के प्रति जागरूकता फैलाई। इस बार प्रधानमंत्री का फोकस जल संचयन पर है। प्रधानों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखे पत्र में कहा कि ईश्वर ने हमें अपार वर्षा जल दिया है। हमें इंतजाम करने हैं कि बारिश के जल का ज्यादा से ज्यादा संचयन हो सके। पीएम ने पत्र में कहा कि खेतों में मेड़बंदी, नदियों और धाराओं में चेकडैम, तटबंधी, तालाबों की खोदाई, सफाई, पौधरोपण, टंकी और जलाशयों का निर्माण बड़ी संख्या में कराएं। पीएम ने पत्र में यह भी लिखा कि स्वच्छता अभियान के बाद इसे जन आंदोलन का स्वरूप देते हुए सफल बनाएं। साथ ही पत्र को ग्राम सभा की बैठक में पढ़कर सुनाया जाए। जिले के ग्राम प्रधानों के पास पत्र पहुंचाने के लिए प्रशासनिक अमला जुटा है।
चुनाव में भागीदारी का जताया आभार
प्रधानमंत्री ने प्रधानों को पत्र में सरपंच लिखकर संबोधित किया है। साथ ही पहली लाइन में ही लोस चुनाव में सशक्त रूप से सरकार चुनने के लिए आभार और बधाई दी है।
नामुमकिन को मुमकिन बनाने की अपील
चुनावों के दौरान खूब चला मोदी है तो मुमकिन का नारा अब सरकार की जुबां पर है। पत्र की अंतिम लाइन में पीएम ने लिखा है कि नामुमकिन को मुमकिन बनाएं और नए भारत के निर्माण में सहयोग करें।