गोशाला में नहीं मिला गोवंश का रिकॉर्ड
मंडलायुक्त जताई नाराजागी, निरीक्षण में डीएम को दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
मैनपुरी। गोशालाओं का हाल जानने के लिए मंडलायुक्त आगरा ने दो गोशालाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान शहर स्थित गोशाला में गोवंश का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई। अधिशासी अधिकारी नगर पालिका को निर्देशित किया कि गोशाला में आने वाले गोवंश, जाने वाले गोवंश और मृत गोवंश का तिथिवार ब्योरा दर्ज किया जाए। यहां उन्होंने व्यवस्था देखने के साथ ही जरूरी निर्देश दिए।
मंडलायुक्त आगरा अनिल कुमार ने सबसे पहले शहर स्थित तीन करोड़ छह लाख रुपये की लागत से बनवाई गई गोशाला का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि सभी गोवंश को समय से चारा और पानी उपलब्ध कराया जाए। पशु चिकित्सक रोजाना अपने-अपने क्षेत्र की गोशाला में जाकर पशुओं की देखभाल करें। बछड़ों का बधियाकरण कराया जाए। गोवंशों को विभिन्न प्रकार की बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण कराने के निर्देश दिए।
इसके बाद मंडलायुक्त ने विकास खंड घिरोर के गांव घुराई में 120 लाख की लागत से 400 पशु क्षमता का निर्माणाधीन गौ-संरक्षण केंद्र का मौके पर जाकर निरीक्षण किया। उन्होंने प्रत्येक दशा में 30 जून तक कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। साथ ही गौ-संरक्षण केंद्र की फेंसिंग का कार्य मनरेगा से तत्काल कराएं, चारागाह विकसित किया जाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी प्रमोद कुमार उपाध्याय, उप जिलाधिकारी सदर रजनीकांत, उप जिलाधिकारी घिरोर रामसकल मौर्य, क्षेत्राधिकारी नगर अभय नरायण राय, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण अरविंद कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. पुष्प कुमार, अधिशाषी अधिकारी मनोज रस्तोगी आदि उपस्थित रहे।
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गोशालाओं की गुणवत्ता की कराई जाएगी जांच
निरीक्षण के बाद उन्होंने सभी गोशालाओं की टेक्नीकल टीम से जांच कराने के आदेश दिए। ताकि गुणवत्ता परखी जा सके। साथ ही कहा कि रिपोर्ट में शासन को भेजी जाएगी। यदि इसमें कोई खामी मिलती है तो संबंधित कार्रवाई को तैयार रहें।
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फोटो-पांच
पालिका में भ्रष्टाचार पर कमिश्रर को दिया ज्ञापन
- नगर पालिका के सभासदों ने लगाए ईओ और चेयरमैन पर गंभीर आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
मैनपुरी। नगर पालिका के पांच सभासदों ने कमिश्रर से मुलाकात कर चेयरमैन और अधिशासी अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सभासदों ने कमिश्रर को ज्ञापन देकर आरोपों की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है।
सभासदों ने कमिश्रर को पांच सूत्री ज्ञापन में आरोप लगाया कि 22 व 23 फरवरी को 200 नए इंडिया मार्का हैंडपंप का टेंडर व 150 रीबोर हैंडपंप के टेंडर का ठेका चेयरमैन ने अपने चहेते ठेकेदारों को दिया है। स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत सार्थक फर्म के नाम से भुगतान निकाला जा रहा है। निर्माण आदि में अवर अभियंताओं के सहयोग से चूना सप्लाई का टेंडर होने के बाद डस्ट का प्रयोग किया जा रहा है। नगर पालिका की जमीन पर गुपचुप तरीके से मोटी रकम लेकर कब्जा कराया जा रहा है। शिकायत करने वालों में सभासद फूलबहार, दीपू गोस्वामी, निशांत जैन, ब्रजेश कठेरिया, प्रवीन कुमार आदि लोग शामिल थे। वहीं चेयरमैन सहित ईओ ने आरोपों को निराधार बताया है।